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तस्वीरें : लौटने लगी चीन की सेना, पैंगोंग झील से भारतीय सेना ने जारी की एक्सक्लूजिव तस्वीरें, 25 हजार सैनिक अभी भी बॉर्डर पर तैनात, खाली कैम्प नजर आने लगे, देखिए तस्वीरें

तस्वीरें : लौटने लगी चीन की सेना, पैंगोंग झील से भारतीय सेना ने जारी की एक्सक्लूजिव तस्वीरें, 25 हजार सैनिक अभी भी बॉर्डर पर तैनात, खाली कैम्प नजर आने लगे, देखिए तस्वीरें

नई दिल्ली. वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत और चीन के सैनिकों की वापसी की नई तस्वीरें सामने आई हैं। इन तस्वीरों मे साफ तौर पर देखा जा सकता है कि चीन के सैनिक वापस लौट रहे हैं। इतना ही नहीं चीन की सेना ने जो वहां पर निर्माण किए थे उन्हें भी ध्वस्त किया जा रहा है, निर्माण ध्वस्त होने की तस्वीरें भी देखी जा सकती हैं।  भारतीय सेना की तरफ से एक वीडियो भी जारी किया गया है जिसमें चीन के सैनिक और टैंकों की वापसी साफ तौर पर दिखाई दे रही है।

आपको बता दें कि भारत और चीन पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में पैंगोंग झील के उत्तर और दक्षिण से सैनिकों को हटाने के लिए एक समझौते पर पहुंच गए हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले गुरुवार 11 फरवरी को राज्यसभा में यह जानाकरी दी। रक्षा मंत्री ने कहा, "चीन के साथ निरंतर वार्ता से पैंगोंग झील के उत्तर और दक्षिण तट से सेना हटाने पर सहमति बनी है। समझौते के बाद, भारत-चीन चरणबद्ध और समन्वित तरीके से फारवर्ड पोस्ट पर तौनात सैनिकों को पीछे हटाएंगे।"




राजनाथ सिंह ने कहा, "चीन उत्तर पैंगोंग झील के फिंगर 8 के पूर्व में अपने सैनिकों को रखेगा। भारत अपने सैनिकों को फिंगर 3 के पास अपने स्थायी बेस पर रखेगा।" रक्षा मंत्री ने कहा, "चीन ने पूर्वी लद्दाख में एलएसी (वास्तवकि नियंत्रण रेखा) के पास कई स्थानों पर हथियारों और गोला-बारूद के साथ भारी सैन्यबल तैनात कर रखा है। इसके जवाब में हमारी सेना ने भी पर्याप्त और प्रभावी ढंग से तैनाती की है।"

राजनाथ सिंह ने कहा, "हम वास्तविक नियंत्रण रेखा पर शांतिपूर्ण स्थिति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भारत ने हमेशा द्विपक्षीय संबंधों को बनाए रखने पर जोर दिया है।" उन्होंने कहा कि सेनाएं कमांड पोस्ट पर लौट आएंगी और आगे कहा, "एक इंच जमीन नहीं दी जाएगी और टकराव के बाद भारत ने कुछ भी नहीं खोया है।"

हालांकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व रक्षा मंत्री ए.के.एंटनी ने पिछले रविवार को आरोप लगाया कि गलवान घाटी एवं पैंगोंग झील इलाके से सैनिकों को पीछे ले जाना एवं बफर जोन बनाना भारत के अधिकारों का ‘आत्मसमर्पण’ है। एंटनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा को ऐसे समय में उचित प्राथमिकता नहीं दे रही है जब चीन आक्रामक हो रहा है और पाकिस्तान की ओर से आतंकवाद का प्रोत्साहन जारी है।
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