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कोरोना से मृत नागरिकों के बेसहारा बच्चों का सहारा बना भूपेश सरकार - वीरेन्द्र नामदेव

कोरोना से मृत नागरिकों के बेसहारा बच्चों का सहारा बना भूपेश सरकार - वीरेन्द्र नामदेव


संवेदन शील निर्णय पर पेंशनर संघों ने आभार जताया

रायपुर, 17 मई। विश्वव्यापी कोरोना महामारी ने हजारों  लाखों घरों में अंधेरा कर दिया है और न जाने कितने बच्चों के सिर से उनके माँ-बाप का सहारा छीन लिया है। इन परिस्थितियों में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य में जरूरतमंद बच्चों की चिंता कर उनको हर तरह की सुविधाएं मुहैया कराने सम्बन्धी संवदेनशील निर्णय लिया है जो बेसहारा बच्चों के बेहतर भविष्य निर्माण में काफी सहायक सिद्ध होगा।उक्त उदगार जारी विज्ञप्ति में भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री एवं छत्तीसगढ़ राज्य संयुक्त पेंशनर्स फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने व्यक्त किया है और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को ट्यूटकर इस क्रांतिकारी जन हितकारी निर्णय के लिये आभार जताया है।


 उन्होंने आगे बताया है कि कोविड के खिलाफ लड़ाई के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार ने एक ऐसा महत्वपूर्ण निर्णय लिया है जो कोविड पीड़ितों के सहायता के दृष्टि से मील का पत्थर साबित होगा और दूसरे अन्य राज्यों के लिये उदाहरण बनेगा।कोविड के निर्मम प्रहार के चलते जिन बच्चों का सब कुछ छीन गया है, अब उनके लिए छत्तीसगढ़ सरकार संबल बनने जा रही है,और न केवल उनकी शिक्षा का दायित्व उठायेगी बल्कि उनके भविष्य को संवारने की हर संभव कोशिश भी करेगी। सरकार की इस संवेदनशील पहल को अमली जामा पहनाने छत्तीसगढ़ महतारी दुलार योजना लागू की जा रही है। जिसे वित्तीय वर्ष से लागू की जाएगी   तथा ऐसे बच्चे जिन्होंने अपने माता-पिता को इस वित्तीय वर्ष के दौरान कोरोना के कारण खो दिया है, उन की पढ़ाई का पूरा खर्च अब छत्तीसगढ़ सरकार उठाएगी। साथ ही पहली से आठवीं तक के ऐसे बच्चों को 500 रुपये प्रतिमाह और 9 वीं से 12 वीं तक के बच्चों को 1000 रुपये प्रतिमाह की छात्रवृत्ति भी राज्य सरकार द्वारा दी जाएगी। शासकीय अथवा प्राईवेट किसी भी स्कूल में पढ़ाई करने पर ये बच्चे इस छात्रवत्ति के लिये पात्र होंगे। राज्य सरकार द्वारा यह भी निर्णय लिया गया है कि यदि ये बच्चे राज्य में प्रारंभ किए गए स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूलों में प्रवेश हेतु आवेदन देते हैं तो उन्हें प्राथमिकता से प्रवेश दिया जायेगा और उनसे किसी भी प्रकार की फीस नहीं ली जायेगी।

पेंशनर्स फेडरेशन के अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव और फेडरेशन से जुड़े पेंशनर्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष यशवन्त देवान, पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रांताध्यक्ष जे पी मिश्रा एवं प्रगतिशील पेन्शनर कल्याण संघ के प्रांताध्यक्ष आर पी शर्मा तथा तमाम पेन्शनर संघो के नेताओं ने क्रमशः गंगाप्रसाद साहू ,पी के नामदेव, डॉ आर आर साहनी,डॉ व्ही व्ही भसीन, सी एस पांडेय,डॉ पी आर धृतलहरे, व्ही टी कराडे,लोचन पांडेय, डॉ वाई सी शर्मा,विद्या देवी साहू , यू के चौरसिया,डी के त्रिपाठी, सी एल दुबे,शरद अग्रवाल,गायत्री गोस्वामी, जे पी धुरन्धर, डॉ एस पी वैश्य, उर्मिला शुक्ला, आर सी पटेरिया, ज्ञानचंद पारपियानी,बी डी उपाध्याय, राकेश श्री वास्तव, एन एच खान,द्रोपदी यादव,डॉ एस पी वैश्य,आर के नारद,पी एल सिंह,एम एन पाठक,डॉ ज्ञानेश चौबे, एस पी एस श्रीवास्तव, विष्णु तिवारी,शांति किशोर माझी ,कलावती पाण्डे,सी एल चन्द्रवंशी, इंदु तिवारी,तीरथ यादव,रमेश नन्दे, प्रदीप सोनी,असीमा कुंडू , आशा वैष्णव,पी एल टण्डन,रोजलिया लकड़ा,एल एन साहू,अशोक जैन,अरुण दुबे,राजेश्वर राव भोसले,वन्दना दत्ता,श्रीमती बसन्त नामदेव,अनूपनाथ योगी,गिरीश उपाध्याय,जे आर सोनी, सुरेन्द्र नामदेव,अनिल शर्मा,आलोक पांडेय,व्ही एस जादौन,बी एल पटले,,बी डी यादव,वीरेन्द्र थवानी, डी के पाण्डे,आनन्द भदौरिया,बी के सिन्हा, एस डी बंजारे,गुलाब राव पवार,भूषण लाल देवांगन, खेमीचन्द मिश्रा,एस के चिलमवार,बिक्रम लाल साहू, एस डी वैष्णव,हीरालाल नामदेव,अजीत गुप्ता,द्वारका सिन्हा,ओ पी भट्ट,विजय शंकर दुबे,सुभाष गायकवाड़,प्रभुदयाल पटवा,रामकुमार थवाईत,रमेश कुमार शर्मा, डी आर लांझेकर,के एन कश्यप,के के बंछोर,मदन शर्मा, निगम भदौरिया, ए के पाल आदि ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रति इस संवेदनशील महत्वपूर्ण जनहितकारी निर्णय पर साधुवाद व्यक्त करते हुये आभार व्यक्त किया है।