breaking news New

प्रधान संपादक सुभाष मिश्र की कलम से - कोरोना काल में भूख की चिंता से मुक्ति की कोशिश

प्रधान संपादक सुभाष मिश्र की कलम से -  कोरोना काल में भूख की चिंता से मुक्ति की कोशिश

कोई भी कल्याणकारी सरकार नहीं चाहती कि उसके राज्य, देश में किसी भी व्यक्ति की मृत्यु भूख से हो। यदि कोई व्यक्ति भूख से मर भी जाए तो पूरी सरकारी मशीनरी इस बात को सिद्ध करने में लगी रहती है, कि मृत्यु भूख से नहीं, बीमारी से हुई है। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कोरोना काल में राष्ट्र के नाम अपने 6 वें संबोधन में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का आगामी 6 माह यानी नवंबर 2020 तक विस्तार करते हुए इस योजना के जरिये देश के 80 करोड़ के राशनकार्डधारियों को पांच किलो गेहूं / चांवल तथा एक किलो चना हर माह नि:शुल्क देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि परिवार के हर सक्षम को पांच किलो के भाव से अनाज दिया जाएगा। इसके पहले यह योजना अप्रैल, मई, जून तक के लिए थी। प्रधानमंत्री की घोषणा संभावित कोरोना काल जिसके नवंबर-दिसंबर तक चलने की आशंका है, में गरीब व्यक्ति को भूख की चिंता से मुक्ति दिलाने की कोशिश है।

प्रधानमंत्री ने आज अपने भाषण में योजना का विस्तार छठ पूजा, दीपावली तक करने की बात कही। उन्होंने इसके पहले भी बिहार से ही श्रमिक रोजगार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अभियान की शुरूआत की थी। 50 हजार करोड़ खर्च करके प्रवासी मजदूरों के पुनर्वास के लिए प्रारंभ इस योजना में तेजी आएगी। बिहार में इस साल चुनाव है, जहां पर अभी नीतीश कुमार के नेतृत्व में बीजेपी के साथ सरकार है। प्रधानमंत्री के रणनीतिकारों ने प्रवासी मजदूरों तथा चीन के मामले में हो रहे हमलों को देखते हुए बिहार के आगामी चुनाव को ध्यान में रखा है। देशभर से प्रवासी मजदूरों की वापसी में सबसे ज्यादा मजदूर बिहार और उत्तरप्रदेश ही आए हैं। राज्य सरकारों की लाख कोशिश, मदद के बावजूद मुंबई में एक से डेढ़ लाख मजदूर कोरोना संक्रमण के बावजूद लौट आये हैं। बिहार की फतह तय करेगी कि जनता नोटबंदी की ही तरह कहीं तालाबंदी को भी तो नहीं स्वीकार रही है। यह भी संभव है कि बिहार में भाजपा इस बार नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड से ज्यादा बेहतर प्रदर्शन करे। 

प्रधानमंत्री ने कोरोना के बढ़ते संकट के प्रति लोगों को आगाह करते हुए राज्य सरकारी, स्थानीय निकायों, देश के नागरिकों से पहले की ही तरह सतर्कता दिखाने कहा है। प्रधानमंत्री ने एक बार फिर देश के लोगों को बताया कि उनकी सरकार द्वारा समय पर लिए गए लॉकडाउन के निर्णय और अन्य फैसलों की वजह से लाखों लोगों का जीवन बचा है। उन्होंने कन्टेंटमेंट जोन में ज्यादा सतर्कता की बात कहते हुए यह भी कहा कि गांव का प्रधान हो या देश का प्रधान नियमों से ऊपर कोई नहीं है। उन्होंने एक देश के प्रधानमंत्री को मास्क नहीं पहनने के कारण हुए जुर्माने का जिक्र भी अपने भाषण में किया।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री यह बताने में भी नहीं चूके कि इस योजना से जितने लोग लाभांवित हो रहे हैं वे अमेरिका की कुल जनसंख्या से ढाई गुना, ब्रिटेन की जनसंख्या से 12 गुना और यूरोपियन यूनियन की जनसंख्या से दो गुना ज्यादा है, जिन्हें सरकार मुफ्त में अनाज दे रही है। प्रधानमंत्री ने अन्न भंडार के लिए किसानों को और आर्थिक संसाधन के लिए टैक्स पेयर्स को धन्यवाद दिया।

प्रधानमंत्री ने आज अपने भाषण में कोरोना कालखंड में उनकी सरकार द्वारा किये गये कार्यों की फेहरिस्त भी गिनाई। उन्होंने बताया कि गरीब पीडि़त, शोषित, वंचित को सशक्त करने के लिए निरंतर कार्य करते हुए उनकी आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ायेंगे। लोकल के लिए हम वोकल होंगे। चुनाव के समय गूंगे से गूंगा नेता भी बोलने लगता है। पांच साल नहीं दिखने वाले जनप्रतिनिधि के भी बार-बार दीदार होने लगते हैं। हरि दर्शन को प्यासी जनता की अंखियों में आधुनिक हरि दिखने लगते हैं। गरीब आदमी को पहली बार अपने होने का एहसास होता है। आज प्रधानमंत्री ने देश को बताया कि उन्होंने गरीबों के लिए पौने दो लाख करोड़ का पैकेज दिया। 20 करोड़ लोगों के जनधन खाते में 31 हजार करोड़ जमा कराए। 9 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में 16 हजार करोड़ जमा करवाए। श्रमिक रोजगार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अभियान में तेजी लाते हुए 50 हजार करोड़ खर्च किये जा रहे हैं। 80 करोड़ लोगों को अनाज उपलब्ध कराने के लिए 90 हजार करोड़ से ज्यादा खर्च किये जायेंगे। वन नेशन वन राशन कार्ड योजना को शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। इस योजना से देश के 23 राज्यों के 67 करोड़ लोगों को फायदा होगा और पीडीएस योजना के 83 प्रतिशत लाभार्थी इससे जुड़ जाएंगे। देश के नागरिक देश के किसी भी कोने से अपने राशन कार्ड के माध्यम से उचित मूल्य दुकान से राशन ले सकेंगे। 

आपदा को अवसर में बदलने की बात कहने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के जरिये सही में आगामी चुनाव में आने वाली संभावित आपदा को इस निर्णय के जरिये से अवसर में बदलने की शुरूआत कर ली है। आज देश में कोरोना का कहर दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। यदि हम पूरी दुनिया के आंकड़ों पर नजर डालें तो हम जल्दी ही चौथे से तीसरे स्थान पर पहुंचने वाले हैं। अमेरिका में अब तक 2637039 कोरोना पॉजिटिव चिन्हित हुए हंै। वहीं ब्राजील में 13,45254, रूस में 6,34437 तथा आज तक भारत में 5 लाख 66 हजार कोरोना मरीज मिल चुके हैं। पिछले 24 घंटे में कोरोना के 18522 नये मरीज मिले हैं और 418 लोगों की मौत हुई है।

हमारे देश के जिन भी राज्यों में कोविड-19 को लेकर जांच में तेजी आई है, वहां मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। दिल्ली, मुंबई की संख्या भी बढ़ी है। इसके विपरीत यूपी और बिहार जैसे राज्य जहां की आबादी बहुत अधिक है, वहां कोरोना की जांच कम होने के कारण मरीजों की संख्या कम दिखती है। एक आशंका और अनुमान के अनुसार आने वाले समय में मरीजों की संख्या बड़े पैमाने पर बढऩे की आशंका है।

आनलॉक-2.0 जो आज से प्रारंभ होने जा रहा है, उसे लेकर प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कुछ नहीं कहा। देश के नागरिकों को खुद इसकी गंभीरता को समझकर, सतर्कता के साथ जीना सीखना होगा। सरकार अब किसी भी तरह के प्रतिबंध के पक्ष में नहीं है। सरकार की नीति, घोषणाओं को देखकर लगता है कि वह ऐसा कोई कदम नहीं उठायेगी जिससे देश का एक बड़ा वर्ग नाराज हो। आखिर देश के कई आपदा को अवसर में बदलने का समय है।