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सूरजपुर प्रशासन की अनूठी पहल संवेदना कार्यक्रम से कोरोना पीडि़त परिवारो को मिला संबल

सूरजपुर प्रशासन  की अनूठी पहल संवेदना कार्यक्रम से कोरोना पीडि़त परिवारो को मिला संबल

सूरजपुर। वैश्विक संकट बन कर उभरी कोरोना महामारी ने पूरे मानव जाति पर प्रभाव डाला है, देश-विदेश से लेकर सूरजपुर जिला भी इससे अछुता नही रहा। जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण से 274 लोगो की मृत्यु दर्ज की जा चुकी है। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल की मंशानुरूप संवेदनशील जिला प्रशासन ने प्रदेश में अनूठी पहल बतौर कोरोना से प्रभावित मृतकों के घर पहुंच संवेदना प्रकट करते हुए उन्हें संबल देने का प्रयास किया है। जिले के ऐसे परिवार जिनमे कोरोना वायरस के कारण किसी भी सदस्य की मृत्यु दर्ज की गई है, उन्हें राहत पहुॅचाने तथा शासन की योजनाओ से लाभान्वित किये जाने हेतु समस्त ऐसे परिवार का सर्वे कराया गया है। इस सर्वे में कोरोना वायरस से मृत हुए व्यक्ति के परिवार को श्रमिक सहायता योजना अंतर्गत आर्थिक मदद, सक्षम योजना अंतर्गत संबल प्रदान करना, पेंशन योजना अंतर्गत आर्थिक मदद, मुख्यमंत्री कन्या विवाह के लिए चयन कर लाभ प्रदाय करने सहित बैंक व जमीन की समस्याओं का निराकरण करने का कार्य किया गया है।

संवेदना कार्यक्रम के अंर्तगत 118 बच्चों को महतारी दुलार योजना के तहत नि:शुल्क स्कूली शिक्षा प्रदाय किया जा रहा है। सक्षम योजना अंतर्गत 12 महिलाओ को  8.45 लाख रुपये का ऋण प्रदाय कर उन्हें आर्थिक गतिविधियों के संचालन हेतु संबल प्रदान किया गया है। श्रमिको के परिवार को श्रमिक सहायता योजना अंतर्गत 17 परिवारों को 1-1 लाख रुपये कुल 17 लाख का वितरण करने के साथ ही 41 हितग्राहियों का श्रम पंजीयन कर 1 लाख रुपये के बीमा का लाभ प्रदाय किया गया है। पात्रता के आधार पर 49 हितग्राहियों का चयन के मुख्यमंत्री पेंशन, परिवार सहायता, विधवा पेंशन का लाभ प्रदाय किया जा रहा है। तेंदूपत्ता संग्राहक बीमा योजना अंतर्गत 8 हितग्राहियों को लाभान्वित करते हुए 6.96 लाख का वितरण किया गया है। 22 अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों का शीघ्र निराकरण, 9 हितग्राहियों की बैंक समस्या का निराकरण, 8 हितग्राहियों को जीवन बीमा का पैसा प्राप्त करने में बैंक संबंधी सहायता, जिले से बाहर निवासरत 2 हितग्राहियों को मृतक परिजजन का मृत्यु प्रमाण पत्र प्रदायगी सहित 9 हितग्राहियों के जमीन संबंधी समस्याओं का निराकरण करने का प्रयास किया गया है। इसके साथ ही जिला प्रशासन सूरजपुर समस्त पीडि़त परिवार से निरंतर संपर्क बनाकर इस विपरीत परिस्थिति में सहयोग के लिए अपनी कटिबद्धता प्रकट करता है।