Jandhara : कमिश्नर फेल तो नगरीय प्रशासन सचिव को मैदान में उतरना पड़ा..! गंदा, बदबूदार, कीड़ायुक्त पानी कोरोना से भी खतरनाक, पीलिया से 06 मौतें

Jandhara : कमिश्नर फेल तो नगरीय प्रशासन सचिव को मैदान में उतरना पड़ा..! गंदा, बदबूदार, कीड़ायुक्त पानी कोरोना से भी खतरनाक,  पीलिया से  06 मौतें

रायपुर. राजधानी रायपुर की जनता भले की कोरोना वायरस की चपेट में आने से बची हुई हो लेकिन पीलिया के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। गंदे बदबूदार पानी को पीने से रायपुर की जनता पीलिया से मर रही है और विभाग अब जांच में जुट गया है। जब मामले आते हैं तब विभागों द्वारा ऐसे ही जांचें करवाई जाती हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी रहती है। लेकिन जनता को राहत मिलती है कि नहीं] आने वाले दिनों में पता चलेगा. आश्चर्य कि लगभग छह महीने पहले जो रायपुर शुद्ध पेयजल देने के मामले में देश में चौथे नम्बर पर था, वही अब विषैला पेयजल बांट रहा है.

जानते चलें कि छह महीना पहले नवंबर में रायपुर को पीने के लिए शुद्ध पानी उपलब्ध करने वाले निगमों में चौथा स्थान मिला था, इसके बावजूद हालात ये हैं कि जनवरी 2020 से ही अब तक राजधानी के अलग-अलग इलाकों से छह से ज्यादा लोगों की पीलिया से मौत हो चुकी है। लेकिन निगम प्रशासन इलाकों में अव्यवस्था को सुधारने की जगह मुख्यालय में बैठक कर मामले का हिसाब किताब करने में व्यस्त हैं।

जनवरी से लेकर अब तक में लगभग रायपुर शहर के कई इलाकों में 300 सौ से ज्यादा पीलिया के मरीज पाए गए हैं, लेकिन जिम्मेदार सम्बंधित इलाकों की पाइप लाइन को सुधरवाने की जगह कभी वाटर फ़िल्टर प्लांट में क्लोरीन की मात्रा तो कभी खारुन में घटे हुए जल स्तर की बात करके मामले से खुद को बचाने की कोशिश में लगे रहते हैं.

कमिश्नर फेल तो नगरीय प्रशासन सचिव को उतरना पड़ा!

नगर निगम रायपुर में आइएएस सौरभ कुमार कमिश्नर हैं लेकिन अशुदध पेयजल को लेकर जब वे कुछ नही कर सके तो नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव अलरमेल मंगई डी को मैदान में उतरना पड़ा है. दो दिन पूर्व ही नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव खुद मुहल्लों वार्डों में घूमती नजर आईं. इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की स्वीपर कालोनी, मठपुरैना और सडडू इलाकों में जाकर लगभग 92 घरों में पानी के सेम्पल के साथ पीलिया से पीड़ित लोगों की जांच की जिसमें छह के करीब लोगों में पीलिये के लक्षण पाए गए। साथ ही अलग अलग इलाकों में तीन तारिक से सात तारीख के बीच किये गए सर्वे में करीब 45 से ज्यादा लोग पीलिया से संक्रमित पाये गये।

राजधानी के बीएसयूपी कालोनियों सहित स्वीपर कालोनियों के हालात बद से भी ज्यादा बदतर है। ऐसे ही युद्ध स्तर पर राजधानी के सभी गली मुहल्लों में जांच करवाई जाये तो हजारों लोग पीलिया से पीड़ित पाए जायेंगे। हालांकि बुधवार शाम को निगम कमिश्नर सौरभ कुमार भी आमापारा इलाके में शाम को पानी आने के समय पर गली-गली घूमकर पानी की शुद्धता की जांच करते दिखे। जांचे लगातार चल रही हैं, अधिकारियों के लगातार दौरे हो रहे हैं, लेकिन जिन इलाको में पीलिया से प्रभावित लोग हैं या जहां पर मौतें हो चुकी हैं उन इलाकों की नालियों में धंसी पाइप लाइन को बदलने या कोई और व्यवस्था करने का काम अभी तक नहीं शुरू हुआ है।

फिलहाल टैंकर से पहुंचाएंगे शुद्ध पानी
लॉकडाउन की वजह से पाइप लाइन बदलने का काम शुरू नहीं हो सकता, लेकिन जिन इलाकों से मांग की जायगी, वहां टैंकर पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी : सतनाम पनाग एमआईसी मेंबर निगम

देखिये, गंदे पानी का मामला जल कार्यसमिति के अंतर्गत आता है, लेकिन हम सभी इस मामले को लेकर गंभीर हैं। जानकारी मिलते ही हमने बैठक की है, महापौर ने फ़िल्टर प्लांट का जायजा भी लिया है, अधिकारी मौके पर जाकर जायजा ले रहे हैं, बहुत जल्द सब कंट्रोल में होगा : नाग भूषण राव यादव, निगम स्वास्थ्य कार्यसमिति के अध्यक्ष.

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