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राहुल गांधी ने पीएम को लिखा पत्र , इस मानवीय संकट में कांग्रेस पार्टी के लाखों कार्यकर्ता आपके साथ...

राहुल गांधी ने पीएम को लिखा पत्र , इस मानवीय संकट में कांग्रेस पार्टी के लाखों कार्यकर्ता आपके साथ...


नईदिल्ली।  कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी  को एक पत्र लिखकर उन्होंने कहा है कि इस वक्त  देश बड़े मानवीय संकट से गुजर रहा है।  ऐसे में मैं और कांग्रेस पार्टी के लाखों कार्यकर्ता आपके साथ खड़े हैं।  देश में कोरोना वायरस के खिलाफ जो लड़ाई चल रही है, उसमें सरकार के एक-एक कदम में हम सहयोग कर रहे हैं।  कोविड-19 वायरस के तेजी से प्रसार को रोकने के लिए दुनिया को तत्काल कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा है और भारत वर्तमान में तीन सप्ताह के लॉकडाउन में है।  


राहुल ने कहा कि भारत में  गरीब लोगों की संख्या काफी अधिक है जो दैनिक आय पर निर्भर हैं।  ऐसा देखते हुए हमारे लिए सभी आर्थिक गतिविधियों को एकतरफा बंद करना बहुत बड़ी चुनौती है।  इस पूर्ण आर्थिक बंद के कारण कोविड-19 वायरस से होने वाली मौतों की संख्या और भी बढ़ जाएगी। 


उन्होंने कहा कि  सरकार इस मुश्किल परिस्थिति के साथ आम लोगों की भी परेशानी समझे।  हमारी प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि बुजुर्गों को इस वायरस के प्रकोप से बचाने के लिए उन्हें कैसे सुरक्षा दी जाए और आइसोलेट कैसे किया जाए।  इसके साथ ही युवा वर्ग को यह संदेश दिया जाए कि उनका बुजुर्ग लोगों के नजदीक जाना कितना खतरनाक हो सकता है। 


देश में पूर्ण बंदी से लाखों बेरोजगार युवा भी गांव की ओर लौटेंगे।  इससे उनके माता-पिता के संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाएगा जो गांवों में रहते हैं. इससे बड़े पैमाने पर लोगों की जान जा सकती है। इस विषम परिस्थिति में हमें सामाजिक सुरक्षा का पूरा ख्याल रखना चाहिए. हमें हर हाल में सुनिश्चित करना चाहिए कि कामकाजी गरीबों को सरकारी संसाधनों के माध्यम से मदद और सहारा मिल सके. लोगों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बड़े अस्पताल जिनमें हजारों बेड और वेंटिलेटर्स हों, की जरूरत पड़ेगी. जरूरतों को देखते हुए इन सभी चीजों का निर्माण जितनी जल्दी हो सके, उतनी तेजी से किया जाना चाहिए. साथ ही टेस्ट की संख्या भी बढ़ाई जानी चाहिए जिससे वायरस के प्रसार के बारे में सही आंकड़े मिलें और इसे रोकने के कदमों के उपाय हो सकें। 


उन्होंने कहा कि  हजारों प्रवासी मजदूर अपने-अपने गांव घर के लिए पैदल निकल पड़े हैं. इस क्रम में वे राज्यों की सीमा पर जहां-तहां फंसे हुए हैं. वे जल्दी में अपने घर पहुंचने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं. इस समय जरूरी है कि हम उन्हें सहारा देने में मदद करें. उनके बैंक खाते में पैसा जमा कराया जाए जिससे कि अगले कुछ महीने तक उनकी मदद हो सके. लॉकडाउन और आर्थिक बंदी के कारण हमारी वित्तीय संस्थाएं भी प्रभावित होंगी, इसलिए उनकी सुरक्षा के भी इंतजाम किए जाने चाहिए. इस मुश्किल घडी  में हम सरकार के साथ खड़े हैं। 

chandra shekhar