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कल्पतरु मल्टी यूटिलिटी सेंटर सेरीखेड़ी जल्दी ही बनेगा रूरल टूरिज्म सेंटर

कल्पतरु मल्टी यूटिलिटी सेंटर सेरीखेड़ी जल्दी ही बनेगा रूरल टूरिज्म सेंटर

-सोनल साहू
रायपुर। राजधानी के नज़दीक सेरीखेड़ी में महिला स्वसहायता समूह उजाला ग्राम संगठन द्वारा संचालित कल्पतरु मल्टीयूटिलिटी सेंटर जल्दी ही रूरल टूरिज्म का सेंटर बनने जा रहा है। प्रदेश के मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने गत दिनों इस मल्टीयूटिलिटी सेंटर में चल रही गतिविधियों का निरीक्षण करने के बाद रायपुर जिला पंचायत के सीईओ गौरव सिंह को निर्देश दिए कि छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल इस केंद्र के सामने की जमीन पर पर्यटकों के लिए गढ़ कलेवा जैसे छत्तीसगढ़ी व्यंजनों और भोजन का केंद्र विकसित करें।

पूरे प्रदेश में इस समय बिहान योजना के अंतर्गत सर्वाधिक सस्टेनेबल मॉडल के रूप में सेरीखेड़ी का कल्पतरू सेंटर जाना जा रहा है। इस केंद्र के माध्यम से सेरीखेड़ी गांव के छत्तीस महिला स्वसहायता समूह की चार सौ से अधिक महिलाएं परंपरागत व्यवसाय से लेकर आधुनिक किस्म की चीजों का उत्पाद कर रही हैं।
मल्टीयूटिलिटी सेंटर में 28 प्रकार के व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़कर पर्सनल केयर के तहत हर्बल साबुन, अगरबत्ती, मोती, मशरुम, हर्बल गुलाल, दोना-पत्तल, कूकीज, केक, मास्क, एलईडी बल्ब, गोबर म्यूरल आर्ट, गोबर के गमले, गोबर के फेसपैक, गोबर की ज्वेलरी, गोबर के उबटन आदि तैयार किये जा रहे है। इसके अलावा हर्बल चायपत्ती, सेनेटाइजर, लिक्वीड हैंडवाश, फिनाईल, फेसवाश, डिजाइन मोमबत्ती, डेकोपाश से बनी सजावटी सामान, पेपर बैग, जूट बैग बनाए जा रहे हैं। सेंटर से लगे नाले में मछली पालन भी किया जा रहा है। कृषि विश्व विद्यालय के अंतर्गत आने वाले तालाब को भी मछली पालन के लिए उपयोग में लाया जाएगा। यहां नर्सरी विकसित कर उसमें अलग-अलग वैरायटी के पौधे उगाये जाकर उनकी बिक्री की जा रही है।

बिहान योजना का यह कल्पतरु मॉडल बिना किसी आर्थिक सहायता के भी संचालित हो सके इसके लिए निजी क्षेत्र के बहुत से उद्यमियों के साथ ग्राम संगठन ने एमओयू किया है। इस आपसी समझौते यानि एमओयू के ज़रिये निजी क्षेत्र के लोग यहाँ उत्पादित सामग्री को खुले बाजार में ले जाकर बिक्री करते है। यहाँ काम करने वाली महिलाओं को दो सौ रूपये प्रतिदिन कमाई हो यह भी सुनिश्चित किया गया है। यहां के उत्पाद की बिक्री से होने वाले लाभ पर व्यक्ति विशेष कंपनी का आधिपत्य नहीं है। इसका सीधा लाभ स्वसाहयता समूह से जुड़ी महिलाओं को मिल रहा है। उजाला ग्राम संगठन की अध्यक्ष श्रीमती मोहिनी डहरिया ने बताया हमारी गांव की 36 महिला स्वसहायता समूह से जुड़ी करीब 180 महिलाएं यहां पर प्रतिदिन रोजगार पाती हैं। जो महिलाएं यहां पर काम के लिए आती हैं उनके बच्चों के लिए झूलाघर व आंगनबाड़ी भी संचालित हो रही है। इस योजना से हमारे गांव की महिलाओं को आर्थिक रुप से मदद मिली है। गांव की महिलाओं में एक नई तरह की जागरूकता और आत्मविश्वास का संचार हुआ है।

इस पूरी योजना को मूर्तरूप देने वाले जिला पंचायत रायपुर के सीईओ गौरव  सिंह ने बताया कि यह मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सोच का परिणाम है। गांव से होने वाले पलायन को रोकने विशेष करके महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बिहान योजना के तहत यह मल्टीयूटिलिटी सेंटर बनाया गया है। जहां महिलाएं आकर भी काम करती हैं और यहां से सीख कर अपने घर से भी स्वयं का रोजगार संचालित करती हैं।

कल्पतरु मल्टी यूटिलिटी सेंटर से होंने वाले उत्पादकों का शासकीय संस्था राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड, मत्स्य पालन विभाग, क्रेडा, वन विभाग, सहित कई सरकारी विभागों को सामग्री  उपलब्ध करवाई जाती है।

सरीखेड़ी गांव की महिला समूह की महिलाओ को रोजग़ार मिला है। इस योजना से रोजगार मिला है जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही हैं। इसके साथ ही समहू के नवजात शिशुओं के लिए कल्पतरु मल्टी यूटिलिटी  सेंटर के अंदर झूलाघर एवं आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रही हैं जहाँ पर रोजगार के साथ बच्चों को साक्षर किया जा रहा हैं।
मोहिनी डहरिया, अध्यक्ष कल्पतरु मल्टी यूटिलिटी सेंटर