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लगातार हार से सबक लेते हुए कांग्रेस पार्टी ने शुरू कर दिए हैं अब बड़े बदलाव

लगातार हार से सबक लेते हुए कांग्रेस पार्टी ने शुरू कर दिए हैं अब बड़े बदलाव

राहुल गांधी की बढ़ सकती है दिक्कत

नई दिल्ली। देश की सबसे पुराणी राजनीतिक पार्टी  कांग्रेस परंपरागत तरीके छोड़कर अब पार्टी तकनीक का इस्तेमाल करते हुए डिजिटल माध्यम से पार्टी के नए अध्यक्ष का चुनाव करेगी। कांग्रेस पार्टी ने अब  ऐतिहासिक निर्णय करते हुए डेलिगेट्स के लिए डिजिटल कार्ड जारी करने का काम शुरू कर दिया है। कांग्रेस पार्टी की सेंट्रल इलेक्टश अथॉरिटी की ओर से पार्टी अध्यक्ष चुनने वाले डेलिगेट्स की वोटर लिस्ट बनाने का काम किया जा रहा है।

संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि सोनिया गांधी ने इन समितियों का गठन किया है, जो विदेश, राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक मामलों को लेकर नीतियों और मुद्दों पर विचार कर उन्हें सूचित करेंगे। इन समितियों में पी. चिदंबरम, गुलाम नबी आजाद, दिग्विजय सिंह और कांग्रेस के अन्य कई वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया गया है।

सियासत के जानकारों को मानना है कि पार्टी के इस कदम से राहुल गांधी की दिक्कत बढ़ सकती है। लेकिन यदि वोटिंग के माध्यम से राहुल गांधी फिर से कांग्रेस अध्यक्ष चुने जाते हैं तो राहुल गांधी कांग्रेस पार्टी में एक निर्विवाद नेता के रूप में अपना सिक्का जमा सकते हैं। 

चुनाव समिति से जुड़े एक नेता ने कहा कि हम कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव की तैयारी कर रहे हैं। सिर्फ दो राज्यों को छोड़कर देश के अन्य हिस्सों से डेलिगेट्स की सूची मिल चुकी है। कांग्रस पार्टी की सूची वैसी ही होगी, जैसी 2017 में राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने के दौरान थी। हालांकि इस डेलिगेट्स की सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया चल रही है। हर डेलिगेट्स के आईडी कार्ड में एक बारकोड भी दिया जाएगा, जिसमें मतदाता के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।अब कांग्रेस का स्थायी अध्यक्ष चुना जाएगा। यह स्थायी अध्यक्ष अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी की जगह लेगा। नए नियमित अध्यक्ष का कार्यकाल दो साल के लिए रखा गया है।  ऐसे में सोनिया को अंतरिम अध्यक्ष बनाया गया था। अब नए अध्यक्ष का कार्यकाल 2022 तक होगा।

लोकसभा चुनावों में शर्मनाक हार के बाद कांग्रेस ने डिजिटल माध्यम से चुनाव कराने पर जोर दिया जा रहा है। पार्टी के अंदर ही नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट तेज हो गई और कई नेता अब खुलकर गांधी परिवार के खिलाफ बोल रहे हैं। इसके बाद से ही केंद्रीय नेतृ्त्व पर लगातार दबाव बढ़ रहा है।

इसलिए संभवत: पार्टी अध्यक्ष के चुनाव के लिए ऑनलाइन वोटिंग सिस्टम को चुना गया है। सूत्रों के मुताबिक आगामी 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष पद का चुनाव और अधिवेशन बुला सकती है। चुनाव प्राधिकरण में अरविंदर सिंह लवली, पूर्व सांसद राजेश मिश्रा, कर्नाटक के पूर्व मंत्री कृष्ण बायर गौड़ा और लोकसभा सांसद जोथिमणि हैं। इसके चैयरमैन मधुसूदन मिस्त्री हैं।

इधर कांग्रेस पार्टी ने पार्टी की नीतियों पर विचार के लिए तीन समितियों का गठन किया है, जिनकी अगुवाई पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह करेंगे। पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आर्थिक मामले, विदेश मामले और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर समिति को पुर्नगठित किया है।