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आंगनबाड़ी केंद्रों में रेडी टू ईट फूड का वितरण नहीं हो रहा

आंगनबाड़ी केंद्रों में रेडी टू ईट फूड का वितरण नहीं हो रहा

खडगवा, 17 नवंबर।  महिला बाल विकास परियोजना के बडे साल्ही जिलदा कोडा जरौधा सेंटरों के आंगनबाड़ी केंद्रों में रेडी टू ईट फूड का वितरण नहीं किया जा रहा है, जबकि समूहों के द्रारा रेड्डी टू ईट फूड का वितरण अपने समय सीमा में करने के बाद भी  आंगनबाड़ी केंद्रों में ही पड़ा रह जाता है। आंगनबाड़ी केंद्रों से वितरण नहीं किये जाने की शिकायत भी प्रभारी परियोजना अधिकारी को मिल रही है और प्रभारी अधिकारी के भ्रमण के दौरान भी ग्रामीणों के द्रारा ये शिकायत भी कि गई है, उसके बाद भी प्रभारी परियोजना अधिकारी के द्रारा उन केंद्रों के आगनबाड़ी कार्य कर्ता पर एवं सेक्टर सुपरवाइजर पर किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की गई है, जबकि प्रभारी परियोजना अधिकारी के द्रारा रेडी टू ईट फूड वितरण के लिए एक विशेष अभियान के तहत सवयं आंगनबाड़ी केंद्रों का भ्रमण कर रही है और उसके बाद भी कार्य वाही का ना होना कई प्रश्न उठ रहे हैं।

प्रभारी परियोजना अधिकारी के द्रारा खडगवा परियोजना में सिर्फ संचालित स्व समूहों की जाच के नाम पर अवैध  वसूली का खेल धडल्ले से चल रहा है और इस कार्य में प्रभारी अधिकारी मद  मसत है उन्हें अपने आगनबाड़ी केंद्रों के संचालन के संबंध में समय ही नहीं है, जो इस ओर इनकी नजर जाए।

सूत्रों से ये भी जानकारी मिल रही है कि जिन समूहों के द्रारा इनके द्रारा मांगी गई राशि का भुगतान नहीं किया जाता है। उन्हें ये प्रभारी परियोजना अधिकारी चिरमिरी में निरस्त किये गए  समूहों का हवाला देकर समूहों को डराकर धमाका कर वसूली का खेल जारी  है। प्रभारी परियोजना अधिकारी के द्रारा इससे पहले भी आंगनबाड़ीओ की लिपाई पोताई का कार्य परियोजना में हुआ वो पूर्ण रूप से घटिया और गुणवत्ता विहीन कराकर बिना किसी सत्यापन के  राशि भी जारी कर दिया गया और उन आंगनबाड़ी केंद्रों की राशि का भुगतान भी कर दिया गया, जिनकी आधी अधूरी लिपाई पोताई हुई है ये भ्रष्टाचार इन्ही प्रभारी परियोजना अधिकारी के कार्य काल में किया गया है, जबकि खडगवा परियोजना के कई आगनबाड़ी केंद्रों की लिपाई पोताई ही नहीं हुई है और आंगनबाड़ी केंद्र के अंदर तो खडगवा परियोजना के एक भी केंद्रों में लिपाई पोताई और केंद्रों में एक भी  चित्र कहीं नहीं बने हैं उसके बाद भी इस प्रभारी परियोजना अधिकारी के द्रारा आगनबाड़ी केंद्रों के लिपाई पोताई की लाखों रुपये की राशि का भ्रष्टाचार कर दिया गया है, और इस तरह इस परियोजना में प्रभारी परियोजना अधिकारी के कार्यों में कई घोटाले हुए हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने इस तरह के हुए परियोजना में भ्रष्टाचार के जाचकर कार्रवाई की मांग की है और ऐसे भ्रष्टाचार को जन्म देने वाले अधिकारियों के ऊपर सरकार को तत्काल कार्यवाही करने की जरूरत है ?