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ब्रेकिंग : CG को मिला टीबी के क्षेत्र में राष्ट्रीय पुरस्कार, 5 करोड़ से कम आबादी वाले राज्यों में प्रथम रहा छत्तीसगढ़

ब्रेकिंग : CG को मिला टीबी के क्षेत्र में राष्ट्रीय पुरस्कार, 5 करोड़ से कम आबादी वाले राज्यों में प्रथम रहा छत्तीसगढ़

राजनांदगांव। स्वास्थ्य के क्षेत्र में बढ़ती सेवाओं के लिए छत्तीसगढ़ राज्य को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के चौथे स्थापना दिवस के अवसर पर शनिवार को भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 21 दिवस टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत राज्य के सभी हेल्थ एंड वेलनेस केंद्रों में टीबी संबंधी स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ राज्य को 5 करोड़ से कम आबादी वाले राज्यों में प्रथम पुरस्कार मिला है। 

उपरोक्त संबंध में जानकारी देते हुए क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के छत्तीसगढ़ के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. धर्मेन्द्र गहवई ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य में 24 मार्च से 13 अप्रैल 2022 तक 21 दिवस तक क्षय उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत राज्य के सभी हेल्थ एंड वेलनेस केंद्रों में अभियान के रूप में टीबी उन्मूलन संबंधी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गयी। इस अभियान के दौरान घर-घर भ्रमण कर टीबी के संभावित मरीजों की पहचान, जांच एवं उपचार संबंधी सेवाओं के साथ टीबी से बचाव हेतु जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। 

अभियान के दौरान राज्य में टीबी संभावितों की स्क्रीनिंग, जांच, पोर्टल में पंजीकरण, उपचार की पूर्णता, प्रत्येक मरीज को पांच सौ रुपये का भुगतान इत्यादि मानकों के आधार पर दिया गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ को प्रथम पुरस्कार मिला है, स्वास्थ्य विभाग के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है।

भारत में वर्ष 2025 तक क्षय उन्मूलन का लक्ष्य है, छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा इससे दो वर्ष पूर्व ही वर्ष 2023 तक क्षय उन्मूलन का लक्ष्य रखा गया है, जिस दिशा में लगातार बेहतर कार्य करते हुए प्रयास किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ राज्य में ज़िला अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में क्षय रोग का जांच एवं उपचार निःशुल्क¸ उपलब्ध कराया जा रहा है, साथ ही निक्षय पोषण अभियान अंतर्गत क्षय रोग के मरीजों को पौष्टिक भोजन हेतु 500 रुपए की राशि प्रति माह प्रदाय की जाती है। छत्तीसगढ़ राज्य में क्षय-उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत टीबी के नए मरीजों की पहचान, जांच, उपचार एवं रोकथाम संबंधी सेवाओं को विकेंद्रीकरण करते हुए राज्य के सभी हेल्थ एंड वेलनेस केंद्रों में उपलब्ध कराया जा रहा है।