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डीएमएफ की बंदरबांट,नौकरी से निकाले जा रहे बेरोजगार :नंदलाल मुड़ामी

 डीएमएफ की बंदरबांट,नौकरी से निकाले जा रहे बेरोजगार :नंदलाल मुड़ामी

दंतेवाड़ा जिले के 28 स्वास्थ्य कर्मियों को नौकरी से निकाले जाने पर भाजपा अजजा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री नंदलाल मुड़ामी ने सरकार पर जमकर हल्ला बोला है।

उन्होंने बयान जारी कर कहा कि,प्रदेश के बेरोजगारों को रोजगार देने का जनघोषणापत्र में झूठा वादा करने वाली कांग्रेस सरकार,अब रोजगार पाए युवक-युवतियों से रोजगार छीनने में लगी है।

ताजा मामला दंतेवाड़ा जिले का है,यहां राज्य आपदा मोचन निधि से कोरोना काल के दौरान 28 नर्स और सफाई कर्मियों को काम पर लिया गया था,

इस भीषण महामारी के दौरान जहां आमजनता अपने-अपने  घरों में सुरक्षित रही,उस दौरान अपनी जान की परवाह किए बगैर ये कर्मी लोगों की जान बचाने के लिए सेवाएं दे रहे थे।

ऐसे कोरोना योद्धाओं को सम्मान के साथ नौकरी में रखने का काम सरकार को करना चाहिए था,लेकिन कांग्रेस सरकार ने उनके पेट में लात मारते हुए सभी को यह कहते हुए नौकरी से निकाल दिया  कि,अब आपकी जरूरत नहीं है।

उन्होंने ने कहा कि,सम्पूर्ण दंतेवाड़ा में स्वास्थ्य व्यवस्था बहुत बुरी तरह से बदहाल है,चारों ब्लॉकों में मेडिकल स्टाफ की कमी सदैव दिखाई देती है,इलाज के लिए लोग ठोकरें खाने को मजबूर हैं।इन कर्मचारियों को ऐसे विषम परिस्थिति में नौकरी से निकालने का निर्णय बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।

मुड़ामी ने आगे कहा कि,देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने DMF (जिला खनिज न्यास निधि) इसलिए बनाया था कि,क्षेत्र की स्थानीय जरूरतों के आधार पर क्षेत्र का सम्पूर्ण विकास हो सके,क्षेत्र के युवा बेरोजगारों को उस फंड से रोजगार उपलब्ध कराया जा सके।लेकिन प्रदेश सरकार इस फंड के बंदरबाट में लगी है।जिसकी वजह से जावंगा स्थिति बीपीओ काल सेंटर भी अंतिम सांसे ले रहा है,सैकड़ों बेरोजगार दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

मुड़ामी ने कहा कि,अभी भी DMF फंड से वर्तमान में निकाले गए सभी 28 स्टाफ नर्स और सफाई कर्मियों को काम पर रखा जा सकता हैं ताकि,बेरोजगारों को काम भी मिले एवं स्टाफ की कमी से जूझते स्वास्थ्य विभाग को कर्मचारी भी मिल सकें।लेकिन सरकार आपसी लड़ाई में व्यस्त है।

विदित हो कि,कोरोना काल के दौरान भर्ती किये गए कर्मचारियों को निकाले जाने के बाद सभी कर्मचारी,भाजपा अजजा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री नंदलाल मुड़ामी से मिले जहाँ उन्होंने मुड़ामी के सामने अपना पक्ष रखा,इस दौरान जिला पंचायत सदस्य द्वय रामू नेताम एवं मालती मुड़ामी भी मौजूद रहे।पूरी बात सुन कर मुड़ामी ने कर्मचारियों को पूरा साथ देने का भरोसा दिलाया,उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि,जरूरत पड़ने पर इस मुद्दे को लेकर वे सड़क की लड़ाई भी लड़ने को तैयार हैं।