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राज्य सरकार की नीति और वन विभाग की पहल से बंसोड़ परिवारों के घर मे आई खुशियां

राज्य सरकार की नीति और वन विभाग की पहल से बंसोड़ परिवारों के घर मे आई खुशियां

DFO के मार्गदर्शन मे बंसोड़ परिवार पेड़ो की सुरक्षा के लिए बना रहा ट्री-गार्ड,हो रही आमदनी की प्राप्ति

बालोद। बालोद जिले मे निवासरत बंसोड़ परिवार के आय बढ़ाने के साथ साथ पर्यावरण सुधारने और पेड़ो की सुरक्षा का दायित्व निभाते हुए राज्य सरकार की नीति एवं वन विभाग की विशेष पहल से डीएफओ सतोविशा समाजदार के मार्गदर्शन मे जिले के बंसोड़ परिवारो को कोरोना काल के दौरान रोजगार की प्राप्ति हुई है और उनके घरो मे खुशियां आई है सड़क किनारे लगने वाले पौधे को बचाने नई तरकीब बांस से ट्री गार्ड बनाया गया गया है !

इसका मुख्य उद्देश्य जिले के बंसोड़ परिवार को रोजगार देना था जिसके तहत डीएफओ सतोविशा समाजदार के मार्गदर्शन मे वन विभाग बालोद के द्वारा जिले के बंसोड़ परिवारो का समुह तैय्यार किया गया और उन्हे प्रशिक्षण दिया गया शासन से जिले के गांवों में निवासरत बंसोड़ परिवारों को साल में 1500 बांस व्यवसाय के नाम पर कम दर पर देने का प्रावधान है इन्ही बांसो से बंसोड़ परिवार के लोग अपनी मेहनत और लगन से पौधो की सुरक्षा के लिए आर्कषक एवं मजबूत ट्री गार्ड बनाकर पर्यावरण को संवारने का कार्य कर रहे है इन ट्री गार्डो को समुह द्वारा तैयार कर 450 रुपय प्रति नग के हिसाब से वन विभाग खरीद रही है !

जिसका लाभ जिले के लगभग 126 बंसोड़ परिवार को सीधे मिल रहा है उक्त राशि सीधे समुह के खाते मे पहुच रही है बालोद मे बंसोड़ परिवार के द्वारा बनाया गये ट्री गार्ड को विभाग झलमला से पुरुर तक सड़क किनारे लगे पौधारोपण कार्य मे लगाया गया एवं वन अधिकार पट्टे की जमीन मे किये गये वृक्षारोपण मे भी ट्री गार्ड का उपयोग किया गया है इसके साथ ही अन्य जिला कांकेर और मारवाही भी भेजा गया है !

अब तक जिले के बंसोड़ परिवार के समुह के सदस्य लगभग 4000 से भी अधिक ट्री गार्ड का निर्माण कर चुके है निश्चित ही इस पहल से कोरोनो काल के दौरान दीपावली से पहले ही बंसोड़ परिवार के घरो मे खुशियां आई है वही हर कोई  वन विभाग के इस पहल की सराहना भी कर रहा है।