breaking news New

गुजरात के अनुभव विषय पर देखो अपना देश वेबिनार का हुआ आयोजन

गुजरात के अनुभव विषय पर देखो अपना देश वेबिनार का हुआ आयोजन

नई दिल्ली । पर्यटन मंत्रालय ने देखो अपना देश वेबिनार श्रृंखला के 76वें संस्करण के तहत 13 फरवरी 2021 को वोकल फॉर लोकल स्थानीय समुदाय को सशक्त बनाना गुजरात का अनुभव विषय पर एक वेबिनार का आयोजन किया। वेबिनार में रोजगार के अवसर पैदा करने, आय सृजन, जीवन स्तर में सुधार और पर्यटन के माध्यम से स्थानीय समुदायों के लिए आमदनी बढ़ाने के माध्यम के रुप में उद्यमिता के महत्व को स्वीकार किया गया। वेबिनार में केवडिय़ा में स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के आसपास बसे स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने तथा गुजरात में बने कपड़ों के विपणन को बढ़ावा देने के उपायों पर चर्चा की गई। गुजरात में बने वस्त्र एक तरह से पर्यटन से जुड़े उत्पाद हैं। इसमें राज्य की हस्तकला विरासत किस तरह से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने का माध्यम बन रही है इसपर भी विस्तार से चर्चा की गई। यह माना गया कि इसने न केवल स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसरों का सृजन किया है, बल्कि यह सदियों पुरानी कला और शिल्प के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

वेबिनार में प्रस्तुति गुजरात के टूरिस्ट गाइड  गौतम बी पोपट द्वारा दी गई।  पोपट 20 वर्षों तक भारतीय वायु सेना में अपनी सेवाएं दे चुके हैं और पर्यटन में उनकी गहरी रुचि है।  पोपट ने गुजरात के बुनकरों के समृद्ध इतिहास और बुनकर समुदाय और उनकी विरासत से संबंधित तथ्यों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।  मयूरसिंह राहुल ने एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल के रूप में केवडिया के बारे में विस्तार से बताया। 

केवडिय़ा - गुजरात का एक अनूठा और सबसे तेजी से विकसित हो रहा पर्यटन स्थल है। भारत के लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा, जिसे स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के रूप में जाना जाता है, सतपुड़ा और विंध्याचल पर्वत श्रृंखलाओं के बीच नर्मदा जिले के केवडिय़ा में ही स्थित है। यह प्रतिमा देश को एक राष्ट्र के रुप में संगठित करने के सरदार पटेल के योगदान के लिए देशवासियों की ओर से उन्हें दिए गए सम्मान का प्रतीक है। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के सामने नर्मदा नदी और विशाल सरदार सरोवर बांध का दृश्य है। यह सड़क मार्ग से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। अहमदाबाद से स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के लिए सीप्लेन सेवा भी उपलब्ध है। केवडिय़ा को हर आयु वर्ग के लोगों के लिए एक रुचिकर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया गया है। डाइनो ट्रेल, जंगल सफारी, फूलों की घाटी, बटरफ्लाई गार्डन, विश्व वन, कैक्टस गार्डन, एकता नर्सरी और साइकिल ट्रैक आदि जैसे विभिन्न थीम पार्कों में आरामदायक सुविधाएं और साहसिक यात्राएं इस जगह को और अधिक दिलचस्प बनाती हैं।

वेबिनार के दूसरे भाग में गुजरात के बुनकरों की समृद्ध विरासत के बारे में प्रस्तुति दी गई। गुजरात में बने कपड़े सिंधु घाटी सभ्यता काल से जुड़ी भारत की विरासत का एक हिस्सा रहे हैं। कच्छ क्षेत्र, पाटन, अहमदाबाद, सुरेन्द्रनगर, सूरत, जामनगर, वाधवान, भरूच और उदवाड़ा गुजरात के मुख्य कपड़ा उत्पादक और कढ़ाई के केंद्र हैं। गुजरात में बनाए जाने वाले कपड़ों में अजरख ब्लॉक प्रिंटिंग, खरद बुनाई, बंधनी (टाई एंड डाई), अहीर कढ़ाई, सूफ कढ़ाई, रोगन पेंटिंग, आरी कढ़ाई, तंगालिया बुनाई और पटोला बुनाई वाले कपड़े खास हैं। सरकार और गैर सरकारी संगठन इन स्थानीय हस्तशिल्पों को संरक्षित करने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इन कलाओं और शिल्पों को समझने के लिए समय समय पर विभिन्न तरक की पर्यटन कार्यशालाएं आयोजित की जाती हैं जो न केवल स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाती हैं बल्कि सदियों पुरानी विरासत को संरक्षित करने के लिए लोगों को प्रेरित भी करती हैं।