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कलेक्टर जनमजेय महोबे के मार्गदर्शन में बालोद ब्लाक के ग्राम परशोदा के शास.प्राथमिक शाला से हुई अंगना म शिक्षा पहल की शुरुआत

कलेक्टर जनमजेय महोबे के मार्गदर्शन में बालोद ब्लाक के ग्राम परशोदा के शास.प्राथमिक शाला से हुई अंगना म शिक्षा पहल की शुरुआत

रायपुर, 25 फरवरी।  छत्तीसगढ़ शासन में लगातार 10 महीनों से जिस प्रकार से शिक्षा की बागडोर संभाली है,इसके उदाहरण पूरे देश भर में प्रस्तुत किये जा रहे है। शिक्षकों के नवाचार,ऑनलाइन तथा ऑफलाइन कक्षाओं के सफल संचालन के साथ विभिन्न प्रकार की नई चीजें प्रतिदिन देखने को और सुनने को मिल रही है,शिक्षकों ने आगे बढ़कर नए कार्यो का शुभारंभ किया,एक नई शिक्षा प्रणाली का अविष्कार देखने को मिल रहा है।

इसी के अंतर्गत स्वप्रेरणा से कार्य करने वाली महिला शिक्षको की एक टीम स्वयं से आगे बढ़कर 3 वर्ष से 6 वर्ष के बच्चों को उनकी माताओं की सहायता से सिखाने की नई मुहिम की शुरुआत की है क्योकि बच्चों ने इस वर्ष स्कूल के अध्यापन का लाभ प्राप्त नहीं किया है जिसकी शुरुआत आज कलेक्टर जनमजेय महोबे के मार्गदर्शन में बालोद ब्लाक के ग्राम परशोदा के शासकीय प्राथमिक शाला से हुई जहा "अंगना म शिक्षा" नाम से एक कार्यक्रम की पहल की जा रही है। 


महिला शिक्षिकाओं की एक समूह ने कुछ वॉलिंटियर्स की सहायता से एक कार्यक्रम का आयोजन किया जिसमें माताओं ने अपने बच्चों के उम्र आधारित समझ का आकलन स्वयं से किया माताओं ने अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए शपथ लेते हुये अपने अंगना म शिक्षा की शुरुआत की बच्चो ने रंग भरना, आकार बनाना,गिनती करना,अक्षर पहचानना,आदि काम स्वयं से किया।


इस पूरे कार्यक्रम में शिक्षिका मेंटर कुमारी भगवती ठाकुर ने अपनी सहयोग योगिता राजपूत के साथ मिलकर इस पूरे प्रयास में सहभागिता निभाई इस नवीन प्रयास के लिए नई शिक्षा नीति 2020 में आये बदलाव ही है कि हमारे सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे, शिक्षक औऱ माताओ ने अभी से अपनी कमर कस ली है कि अब हर बच्चा घर से ही प्राथमिक शिक्षा प्रारम्भ करने को तैयार है।