breaking news New

ब्रेकिंग : नक्सलियों ने जवान को धमकाया, 'पुलिस की नौकरी छोड़ दें..जम्मू कश्मीर में भी उनकी पहुंच है..जवान ने की अपने परिजनों से बातचीत, फिलहाल पूछताछ जारी

ब्रेकिंग : नक्सलियों ने जवान को धमकाया, 'पुलिस की नौकरी छोड़ दें..जम्मू कश्मीर में भी उनकी पहुंच है..जवान ने की अपने परिजनों से बातचीत, फिलहाल पूछताछ जारी

जनधारा समाचार
रायपुर. नक्सलियों के चंगुल से छूटकर आए सीआरपीएफ के कोबरा जवान राकेश्वर सिंह मन्हास अंतत: सीआरपीएफ कैम्प पहुंच गए हैं जहां उनका मेडिकल चेकअप किया गया. फिलहाल उनसे पूछताछ की जा रही है.


दूसरी ओर जवान को छुड़ाने पहुंचे वार्ताकारों और 8 सदस्यीय पत्रकार दल के मुताबिक नक्सलियों ने जवान को इतना डरा दिया है कि उसने पुलिस बल को छोड़ने का मन बना लिया है. नक्सलियों ने अपने कब्जे में रखते हुए उसे समझाया कि यदि वह पुलिस बल में बना रहा तो जान का खतरा हमेशा बना रहेगा. जवान को यह भी धमकाया गया कि नक्सलियों की पहुंच उस इलाके जम्मू कश्मीर में भी है जहां का वह निवासी है और उसके परिवार पर हमेशा नजर रखी जा सकती है.

जानते चलें कि सुरक्षा बलों के साथ बीजापुर में 3 अप्रैल को हुए मुठभेड़ के बाद नक्सलियों ने राकेश्वर को अगवा कर लिया था। नक्सलियों ने मध्यस्थों पद्मश्री धर्मपाल सैनी और गोंडवाना समाज के अध्यक्ष तेलम बोरैया और 20 गांव के ग्रामीणों के सामने उसे कल छोड़ा। जवान को रिहा करते हुए नक्सलियों का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि ग्रामीणों के बीच जवान को रस्सियों से कसकर बांधकर लाया गया था। यह वीडियो इतना मार्मिक है कि किसी भी हिंदुस्तानी का खून उबलने लगेगा।

वीडियो में दिखाई दे रहा है कि जवान को अपमानित करके परेड करायी गयी। नक्सलियों ने पहले जवान को ग्रामीणों के बीच छोड़ा, फिर वहां से ग्रामीणों ने तर्रेम थाना में जवान को सौंपा। पति की रिहाई के बाद पत्नी मीनू के खुशी जाहिर की है। मीडिया और सरकार को धन्यवाद कहा है। पत्नी और बेटी ने जवान राकेश्वर से फोन पर बातचीत की है। बेटी ने अपने पिता को जल्दी घर आने को कहा है।