सुकमा में 17 जवानों की शहादत मामले में बड़ा खुलासा : CRPF और पुलिस के आपसी मनमुटाव की वजह से मुठभेड़ में 17 जवान हुए शहीद

सुकमा में 17 जवानों की शहादत मामले में बड़ा खुलासा : CRPF और  पुलिस के आपसी मनमुटाव की वजह से मुठभेड़ में 17 जवान हुए शहीद


सुकमा।  केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और सुकमा पुलिस में आपसी मनमुटाव की वजह से नक्सलियों से मुठभेड़ में 17 जवान शहीद हुए थे।  सुकमा में 21 मार्च को हुए माओवादी मुठभेड़ के बाद सीआरपीएफ़ और 206 कोबरा बटालियन के कमांडेंट अजय दिव्यांशु को उनके पद से हटा दिया गया है।  

 अजय दिव्यांशु को अब सीआरपीएफ स्पेशल डीजी कार्यालय में पदस्थ किया गया है। जनता कफ्र्यू के एक दिन पहले हुए इस मुठभेड़ में 17 जवानों की शहादत के बाद स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय को लेकर सवाल उठा था। 

 मिली जानकारी के अनुसार कमांडेंट दिव्यांशु की जगह सीआरपीएफ प्रशिक्षण के कमांडेंट अशोक स्वामी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके आदेश सीआरपीएफ मुख्यालय दिल्ली से 3 अप्रैल को जारी कर दिया गया है। मुठभेड़ के बाद घायल जवानों ने मौके पर कोबरा से मदद नहीं मिलने की बात से अधिकारियों को अवगत कराया था। जिसे गंभीरता से लिया गया।

सूत्रों की माने तो 21 मार्च को सुकमा में हुए माओवादी मुठभेड़ में  पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के बीच तालमेल की कमी के कारण  मुठभेड़ में डीआरजी के 17 जवान शहीद हुए और 14 जवान घायल थे। 

 इस दौरान सीआरपीएफ डीजी और आंतरिक सुरक्षा सलाहकार ने माओवादियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन की सुकमा में समीक्षा की। साथ ही समन्वय के साथ संयुक्त रूप से ऑपरेशन चलाने के निर्देश भी दिए।

सुकमा  में हुए मुठभेड़ के दौरान एसटीएफ और डीआरजी के 17 जवान शहीद और 14 जवान घायल हो गए थे। इसके बाद से ही कोबरा बटालियन के कमांडेंट को बदलने की तैयारी चल रही थी। इस मुठभेड़ में दुर्ग संभाग के बालोद जिले के एसटीएफ जवान नारद निषाद भी शहीद हो गए थे। \

chandra shekhar