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एंजियोप्लास्टी के 7 साल पूरे! मेकाहारा में अब तक 18 हजार हृदय के मरीज, 1800 से ज्यादा एंजियोप्लास्टी हुईं, डॉ.स्मित श्रीवास्तव ने जीता दिल

एंजियोप्लास्टी के 7 साल पूरे! मेकाहारा में अब तक 18 हजार हृदय के मरीज, 1800 से ज्यादा एंजियोप्लास्टी हुईं, डॉ.स्मित श्रीवास्तव ने जीता दिल
  • अखिलेश द्विवेदी

रायपुर. मेकाहारा के हृदय रोग विभाग में एंजियोप्लास्टी की सुविधा को कल पूरे सात साल हो गए. नई मशीन और नए डॉक्टर के साथ पहली एंजियोप्लास्टी इसी दिन की गई थी. इसके बाद अब तक 18 हजार हृदय के मरीजों की जांच हुई है और 1800 से ज्यादा एंजियोप्लास्टी की गई हैं. यह कमाल हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ.स्मित श्रीवास्तव के नेतृत्व वाली डॉक्टरों की टीम ने किया है जिसमें डॉ. संजय वर्मा, प्रो.देवप्रिया लकरा, डॉ.अर्चना टोप्पो, डॉ.आर.के.सुखदेवे इत्यादि शामिल हैं.

इस दिन को मील का पत्थर मानने वाले हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ.स्मित श्रीवास्तव कहते हैं कि जब मैं अस्पताल में सेवाएं देने आया था तो तकनीकी कारणों से नौ महीने तक आपरेशन करने के लिए मना किया गया था हालांकि मैं इससे हतप्रभ था लेकिन एक दिन ऐसा मरीज आया कि एंजियोप्लास्टी करनी ही पड़ी और फिर शुरूआत हो गई. अब तो औसतन 100 मरीज रोज देखे जा रहे हैं जो अलग अलग बीमारियों से संबंधित हैं. श्रीवास्तव कहते हैं कि कई बार आपरेशन की जरूरत नही होती है. मरीज प्राइवेट अस्पतालों से निराश होकर हमारे पास पहुंचते हैं और हम देखते हैं कि जिसे आपरेशन की सलाह दी गई है, वह दवाईयों से ठीक हो सकता है. हालांकि ऐसे भाग्यशाली मरीज 15 प्रतिशत ही होते हैं लेकिन उन्हें राहत तो मिलती है.

लगातार बढ़ते रोगियों की समस्या यह भी है कि एंजियोप्लास्टी या बाईपास आपरेशन की सुविधा बहुत कम अस्पतालों में है ऐसे में  एंजियोप्लास्टी के लिए मेकाहारा सबसे विश्वसनीय अस्पताल बन चुका है. प्राइवेट अस्पतालों में इस आपरेशन की फीस कम से कम डेढ़ लाख में हैं और मेकाहारा में लगभग नि:शुल्क. एक मरीज ने नाम ना छापने की शर्त पर कहा कि सवाल फीस का नही है बल्कि सही हाथों का है और डॉ. स्मित श्रीवास्तव के हाथों में तो जैसे जादू है.

हृदय रोग की बढ़ती बीमारियों को लेकर हृदयरोग विशेषज्ञ की यही सलाह है कि आपको समय-समय पर अपने हृदय और ब्‍लड प्रेशर की जांच कराते रहना चाहिए.डॉ.श्रीवास्तव कहते हैं कि आधुनिक लाइफस्टाइल और अनियमित आहार के कारण 30 से 40 साल की उम्र में ही लोगों को दिल के रोग होने लगे हैं. यह समस्या इतनी आम हो चुकी है कि हर परिवार में कोई न कोई सदस्य ह्रदय रोग से ग्रस्त है. यही नहीं बल्कि अब तो छोटी उम्र के बच्चे भी इस बीमारी का शिकार होते जा रहे हैं। इसलिए समय-समय पर अपने ह्रदय और ब्लड प्रेशर की जांच कराते रहना चाहिए.