breaking news New

नवागाँव का विश्वनाथ महादेव मंदिर... - सुशील भोले

नवागाँव का विश्वनाथ महादेव मंदिर...  - सुशील भोले


छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सेपूर्व दिशा में करीब 25 कि.मी की दूरी पर बसा एक गाँव है- नवागाँव (आरंग)। इस गाँव के तालाब में एक ईंट निर्मित प्राचीन मंदिर है, जिसे पुरातत्व विभाग 10 वीं सदी का बताता है। इसी से लगा हुआ है विश्वनाथ जी महादेव मंदिर है, जिसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक नगरी आरंग के अग्रवाल परिवार वालों के द्वारा लगभग चार सौ वर्ष पूर्व बनवाने का उपक्रम प्रारंभ किया गया था। आज यह मंदिर पूर्ण भव्यता के साथ लोगों की आस्था का केन्द्र बना हुआ है।


मंदिर के वर्तमान व्यवस्थापक बाल मुकुंद जी अग्रवाल ने एक मुलाकात में जानकारी दी कि इस मंदिर के निर्माण की प्रक्रिया लगभग चार सौ वर्ष पूर्व उनके पूर्वज नर्मल अग्रवाल एवं उनके पुत्र भानु जी ने की थी। लेकिन निर्माण की प्रक्रिया काफी धीमी गति से हो रही थी। इसलिए उनकी तीसरी पीढ़ी के विश्वनाथ जी के समय में यह मंदिर जाकर पूर्ण आकार ले पाया।

इस मंदिर के प्रवेश द्वारा के ठीक पहले 10 वीं सदी में निर्मित एक ईंट मंदिर है, जिसे शिव मंदिर के रूप में चिन्हित किया जाता है। इस मंदिर के ठीक सामने संस्कृति विभाग छ.ग. शासन का एक सूचना पट्ट लगा है, जिसके आधार पर यह जानकारी प्राप्त होती है। ईंट निर्मित एक हनुमान मंदिर विश्वनाथ मंदिर परिसर के अंदर भी है।


छत्तीसगढ़ में ईंटों से बने मंदिरों का निर्माण सिरपुर के प्रसिद्ध लक्ष्मण मंदिर आदि के समय से दिखाई देता है। संभव है कि इसी समय पर ही नवागाँव के ये दोनों मंदिर भी बने हों।

वैसे विश्वनाथ मंदिर के साथ ही साथ 10 वीं सदी के ये दोनों ईंट निर्मित मंदिर भी पुरातत्व प्रेमियों को अपनी आकर्षित करते हैं। इसलिए एक बार तो अवश्य ही इन्हें देखने के लिए जाना ही चाहिए।