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घोषणापत्र में किए वायदों को भूल गई है भूपेश सरकार - रमन

घोषणापत्र में किए वायदों को भूल गई है भूपेश सरकार - रमन

कवर्धा।   भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डा.रमन सिंह ने भूपेश सरकार पर चुनावी घोषणा पत्र में किए वादों को भूल जाने का आरोप लगाया है।

डा.सिंह ने आज यहां गांधी मैदान में किसान महा पंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में कांग्रेस की सरकार आने के बाद दो साल में किसानों का सबसे बड़ा शोषण हुआ है।उन्होने घोषणापत्र में जो वादे किए थे उसके क्रियान्वयन में भूपेश सरकार असफल रही है। कांग्रेस और भूपेश बघेल ने किसानों से वायदा किया था पच्चीस सौ रूपया धान खरीदी की कीमत देंगे।उन्होने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान खऱीदने के बाद एक साल में भुगतान करने वाला पहला राज्य छत्तीसगढ़ बन गया है।

उऩ्होने कहा कि कांग्रेस का दूसरा प्रमुख वादा पूर्ण शराबबंदी का था,शराबबंदी तो दूर उल्टे आज गली गली में शराब बिक रही है,घर पहुंच सेवा हो रही है।शराब केवल दुकान में ही नही बिक रही है बल्कि दुकान के साथ साथ अवैध रूप से हर सरकारी शऱाब की दुकान में 20 प्रतिशत अवैध रूप से बिक रही है। दो साल पहले रेत का कीमत दस हजार रूपये थी लेकिन कांग्रेस सरकार के आने के बाद से 35 से 40 हजार रूपए हो गई है उसका बाकी पैसा किसके जेब में जा रहा है। इसका हिसाब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को देना होगा।

नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि जिन्हें कभी किसानों से मतलब ही नहीं रहा है, वह आज किसानों की हितों की बात केवल अपने राजनैतिक स्वार्थ के लिए कर रहे हैं। कृषि अधिनियम किसानों के हित में हैं, केवल कुछ लोग भ्रम फैलाकर किसानों का तथाकथित हितैषी बनने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे जनता भली-भांति समझती है। उन्होंने कहा कि इस बिल से किसी किसानों का अहित नहीं हो रहा है लेकिन कुछ सियासी दलों की सियासी जमीन खिसक रही है, जिससे वे चिंतित हैं। श्री कौशिक ने कहा कि यह बिल किसानों की समग्रता के लिए मील का पत्थर साबित होगा।