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जब भी घर से निकले थैला लेकर निकले : डॉ सुमन बघेल

जब भी घर से निकले थैला लेकर निकले : डॉ सुमन बघेल

 कमला कॉलेज में सिंगल यूज प्लास्टिक के विरूद्ध जन जागरूकता अभियान के संगोष्ठी का आयोजन 

राजनांदगांव। शासकीय कमला देवी राठी महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में स्वतंत्रता के 75वें वर्ष के आगमन पर आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत पर सिंगल यूज प्लास्टिक के विरूद्ध जन जागरूकता अभियान के तहत एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। 

संगोष्ठी का उद्घाटन करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुमन सिंह बघेल ने कहा कि भारत सरकार, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के निर्देशानुसार, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल क्षेत्रीय कार्यालय दुर्ग के सहयोग से 4 से 10 अक्टूबर 2021 तक महाविद्यालय के सभी विभागों में सिंगल यूज प्लास्टिक के विरूद्ध जन जागरूकता अभियान इको क्लब द्वारा चलाया गया। सिंगल यूज प्लास्टिक आज विश्व व्यापी समस्या बन गयी है। इस कारण हमें व्यक्तिगत रूप से सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने का संकल्प लेना है और जब भी बाजार जाये तो कपड़े का थैला लेकर जाये, जिससे सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग स्वतः खत्म हो जायेगा। 

राजनांदगांव बायोडायर्वसिटी के अध्यक्ष एवं महाविद्यालय के पर्यावरण संरक्षण समिति के संयोजक डॉ. ओंकार लाल श्रीवास्तव ने बताया कि विश्व में सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग में भारत का योगदान 94 लाख टन प्रतिवर्ष है। जिससे धरती की उर्वरा शक्ति लगातार कम हो रही है तथा जल स्रोतो में उपलब्ध प्लास्टिक के नैनो कण हमारे स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा कर रही है। साथ ही प्लास्टिक खाने से पालतू जानवर मर जाते है और दूध की गुणवता कम हो रही है। इसलिए से नो टू प्लॉस्टिक कहना एवं करना अनिवार्य हो गया है। 

प्रो. कृष्ण कुमार द्विवेदी ने कहा कि हमें पांच वस्तुओं पर प्रतिबंध लगाना चाहिए, जिससे सिंगल यूज प्लास्टिक नियंत्रण संभव हो सके। ये पांच वस्तुएं प्लास्टिक थैला, पानी पाउच, लिखो फेको पेन, पानी बॉटल तथा खाद्य पदार्थों की पैंकिंग थैली है। पारिवारिक एवं सामाजिक समारोह में हम जागरूक होकर प्लास्टिक प्लेट एवं गिलास का उपयोग न करे तो भी सिंगल यूज प्लास्टिक की समस्या दूर हो जायेगी।

कार्यक्रम के संचालक एवं इको क्लब के संयोजक सहायक प्राध्यापक आलोक कुमार जोशी ने कार्यक्रम में उपस्थित 360 छात्राओं को हाथ उठाकर संकल्प दिलाया कि वे महाविद्यालय परिसर, घर तथा अपने गांव एवं शहर को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त करने में यथा संभव स्थानीय निकायों का सहयोग करेगें और भारत को पुनः सस्य श्यामला बनाने में सहयोग करें। 

इस आयोजन में उपस्थित समस्त प्राध्यापकों ने भी सिंगल यूज प्लास्टिक के विरुद्ध जन-जागरूकता अभियान को सार्थक करने के लिए संकल्प लिया।