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डॉ. वेणुगोपाल ने कहा - कोरोना वैक्सीन के साइड इफेक्ट पर मरीज को मिलेगा मुआवजा

 डॉ. वेणुगोपाल ने कहा - कोरोना वैक्सीन के साइड इफेक्ट पर मरीज को मिलेगा मुआवजा

नई दिल्ली । भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) डॉ. वेणुगोपाल जी सोमानी ने आज कहा कि देश में जिन दो कोरोना वैक्सीन के आपात इस्तेमाल को मंजूरी दी गई है, वे 110 प्रतिशत सुरक्षित हैं। डॉ सोमानी ने आज पत्रकारों से कहा कि अगर किसी वैक्सीन के विषय में सुरक्षा संबंधित कोई भी चिंता होगी, तो उसे कभी भी अनुमोदित नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस वैक्सीन के साइड इफेक्ट बिल्कुल अन्य वैक्सीन के समान हैं। उधर, ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया के भारत में सीरम इंस्टीट्यूट की वैक्सीन कोविशील्ड  और भारत बायोटेक की वैक्सीन कोवैक्सीन के आपातकाल इस्तेमाल की अंतिम मंजूरी पर उठे सवालों पर एम्स के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया  ने अहम बयान दिया है।

गुलेरिया ने अपने बयान में कहा है कि जिस व्यक्ति को कोवैक्सीन का टीका दिया जाएगा उसमें किसी तरह का साइड इफेक्ट दिखने पर उसे मुआवजा दिया जाएगा। ऐसा क्लीनिकल ट्रायल के समय भी किया गया था। बता दें कांग्रेस नेता शशि थरूर ने टीकों की आपात मंजूरी पर सवाल उठाते हुए कहा था कि भारत बायोटेक की कोवैक्सीन के तीसरे चरण का परीक्षण अभी तक नहीं हुआ है।

कोवैक्सीन को समय से पहले मंजूरी देना खतरनाक हो सकता है। डॉ हर्षवर्धन इस संबंध में स्पष्टीकरण दें। कोरोना वैक्सीन का ट्रायल पूरा होने तक इसके उपयोग से बचा जाना चाहिए. भारत को इस दौरान एस्ट्राजेनेका वैक्सीन का इस्तेमाल करना चाहिए। उधर, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं सांसद शशि थरुर ने रविवार को भारत बायोटेक की 'कोवैक्सीन' के आपात इस्तेमाल को भारतीय औषधि नियंत्रक की ओर से दी गई मंजूरी को अपरिपक्व निर्णय बताते हुए चिंता जताई। थरूर ने ट्वीट कर कहा, कोवैक्सीन ने परीक्षण का तीसरा चरण पूरा नहीं किया है। इसकी मंजूरी अपरिपक्व निर्णय है और खतरा हो सकता है।

डॉ. हर्षवर्धन , कृपया स्पष्ट करें। उन्होंने कहा कि ड्रग नियामक की सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी ने एक जनवरी को कोवैक्सीन के आपात इस्तेमाल की अनुशंसा से इंकार किया था , लेकिन आज 'कोवैक्सीन'; के साथ ही सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की 'कोविशील्ड' के आपात इस्तेमाल की सिफारिश को मंजूरी दे दी गई।

केंद्रीय मंत्री रहे  थरुर ने कहा , कोवैक्सीन के इस्तेमाल को उसके परीक्षण पूरे होने तक टालना चाहिए। इस बीच भारत एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के साथ टीकाकरण शुरू कर सकता है।