वाराणसी में सपा कार्यकर्ताओं पर पुलिस का लाठीचार्ज, 50 से अधिक हिरासत में

वाराणसी में सपा कार्यकर्ताओं पर पुलिस का लाठीचार्ज, 50 से अधिक हिरासत में

वाराणसी।  उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिला मुख्यालय पर सोमवार को प्रदर्शन करने पहुंचे समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं एवं पुलिस के बीच जमकर झड़प हुईं, जिनमें कई लोग घायल हो गये और इस मामले में पुलिस से 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि कोरोना महामारी के मद्देनजर प्रतिबंध के बीच प्रदर्शन कर रहे लोगों को पुलिस ने रोकने की कोशिश की, लेकिन वे अनसुनी करते हुए जिला मुख्यालय की ओर बढ़ने लगे। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों एवं पुलिस के बीच झड़प हुईं। आरोप है कि इसी बीच किसी ने पुलिस पर पथराव किया । उसके बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर लोगों को काबू किया। सूत्रों ने बताया कि इस मामले में करीब छह लोगों को हल्की चोटें आयी हैं। 50 अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया।

सपा नेता विष्णु शर्मा ने प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज की कड़ी निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि रोजगार की मांग कर रहे युवाओं पर पुलिस लाठी चार्ज करना ‘लोकतंत्र की हत्या’ है। सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। इस ‘बर्बर’ कार्रवाई के खिलाफ उनकी पार्टी बड़े पैमाने पर आंदोलन करेगी।

उन्होंने कहा कि जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति बदतर है। अपराधी बेलगाम हैं और बेरोजगारों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पढ़-लिखकर युवा नौकरी एवं रोजगार के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं लेकिन सरकार फर्जी आंकड़े के सहारे लोगों को गुमराह कर रही है।

 शर्मा ने कहा कि पार्टी से जुड़े लोहिया वाहिनी एवं युवाजन सभा के कार्यकर्ता जिलाधिकारी से मिलकर अपनी समस्या सरकार तक पहुंचाने जा रहे थे लेकिन आरोप है कि पुलिस ने उन्हें रोक कर बेरहमी से पीटा और हिरासत में ले लिया।

पुलिस सूत्रों ने सपा नेता  शर्मा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अनियंत्रित भीड़ को काबू करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया था।