सरपंच व तत्कालीन सचिव द्वारा लाखों रूपए निकालने के मामले को लेकर ग्रामीणों में रोष, उग्र आन्दोलन की तैयारी

सरपंच व तत्कालीन सचिव द्वारा लाखों रूपए निकालने के मामले को लेकर ग्रामीणों में रोष, उग्र आन्दोलन की तैयारी


जनपद पंचायत मालखरौदा के अधिकारीयों के ऊपर जांच प्रतिवेदन को बदलवाने को लेकर बन रही बड़ी राजनीतिक दबाव

मालखरौदा, 1 अक्टूबर। समीपस्थ मालखरौदा जनपद के ग्राम पंचायत बुन्देली में बिना प्रस्ताव के सरपंच व तत्कालीन सचिव ने 620080 लाख रूपए निकालने के शिकायत के मामले में जांच अधिकारियों ने दिन मंगलवार को जनपद सीईओ मालखरौद को जांच प्रतिवेदन सौंप दी है। अब देखने में आ रहा है कि जांच प्रतिवेदन को बदलवाने और सरपंच व् तत्कालीन सचिव को निर्दोष साबित करने के इरादे से जिस पर राजनितिक दबाव की जनपद के अधिकारियों पर बड़ी खेल चल रही है। आक्रोशित शिकायतकर्ताओं ने बताया की इस मामले के जांच प्रतिवेदन को सीईओ मालखरौदा समक्ष जांचधिकारियों ने सौपी है।  अब जांच प्रतिवेदन में हेरा-फेरी तथा बदलवाने के चक्कर में सरपंच व् तत्कालीन सचिव द्वारा राजनितिक दबाव का जबरजस्त खेल खेला जा रहा है। आक्रोशित ग्रामीणों ने बताया की जिस पर सत्तापक्ष के नेताओं द्वारा सीधे-साधे अपने कर्तव्यों का इमानदारी से पालन करने वाले अधिकारियों पर उक्त मामले पर दबाव बनाया जा रहा है।

इस मामले को लेकर ग्राम पंचायत बुन्देली में माहौल गरम होते जा रहा है।  आक्रोशित ग्रामीणों में रोष लगातार रोष बढती जा रही है। अब जिसके कारण आक्रोशित ग्रामीणों द्वारा उग्र आन्दोलन मन बना रहे है जिसकी तैयारियां चल रही है।

भड़के ग्रामीण, मामले में गांव का माहौल गरम

 मालखरौदा जनपद के ग्राम पंचायत बुंदेली के चौदवे वित्त की राशी 620080 लाख रूपए को सरपंच व् तत्कालीन सचिव द्वारा बिना प्रस्ताव के निकाल लिए जाने की मामले की शिकायत पर जनपद सीईओ मालखरौदा ने जांच के लिए टीम गठित किया था। जिसमे उक्त मामले को लेकर गठित जांच टीम 22 सितंबर दिन मंगलवार को ग्राम पंचायत बुन्देली में जांच के लिए पहुंचे हुए थे जिस दौरान तत्कालीन सचिव हेमंत कुमार कर्ष नदारद रहे. ग्राम पंचायत बुंदेली जनपद के के सरपंच चमेली बाई कंवर तथा तत्कालीन सचिव हेमंत कुमार कर्ष द्वारा 13 जून 2020 से 22 जून 2020 तक छ: मदो के कुल राशि 620080 लाख रूपए खर्च पंचायत के कारवाई पंजी मे बिना प्रस्ताव के राशि आहरण ग्राम पंचायत बुंदेली के खाता क्रमांक 21910872381 इलाहाबाद बैंक से शाखा मालखरौदा से छः किस्तों में इतनी बड़ी राशि का खाता ट्रांसफर कर लिया गया है।  जिसमे बताया गया है की इसी तरह पूर्व में भी सरपंच व तत्कालीन सचिव द्वारा 25000 हजार रूपए को बिना पंचायत प्रस्ताव के राशि को सरपंच पति सुंदरलाल कंवर के नाम पर चेक जारी कर राशि आहरण किया गया है. जिसकी भी शिकायत 26 अप्रैल को करवाई करने के लिए की जा चुकी है। परंतु आज आज तक जिम्मेदारों द्वारा कोई कारवाई नही की गई।  जिसके कारण सरपंच व् तत्कालीन सचिव की मनोबल इतनी बढ़ गया की छ: लाख बीस हजार हजार अस्सी रूपए का एवं फर्जी बिल बाउचर लगाकर राशी गबन किया गया है। अब शिकायत के बाद जांच प्रतिवेदन सौंपेने के बाद सत्ता पक्ष के नेताओं की राजनितिक खेल की बड़ी राजनितिक दबाव अधिकारियों पर पड़ रही है।

क्या अधिकारी राजनितिक दबाव में आकर जांच प्रतिवेदन को बदलकर सरपंच-सचिव को निर्दोष साबित कर देंगे...

अब इस मामले को लेकर देखना यह बाकी है जिम्मेदार अधिकारी राजनितिक दबाव में आकर जांच प्रतिवेदन को बदल देतें है या अपने का कर्तव्यों का निष्ठावान से पालन करतें है.ग्रामीणों को इस मामले को लेकर बड़ी संदेह बनी हुई है की कही राजनितिक दबाव में आकार व् सत्तापक्ष के नेताओं के दबाव में आकार कही जांच प्रतिवेदन न बदल दे जिसकी आशंकाए बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया की कारवाई नही किये जाने की स्थिति में उग्र आंदोलन की जाएगी।  जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी. जिसकी चेतवानी दी है।

 मालखरौदा के करारोपण अधिकारी विमलेश गबेल ने कहा कि जांच प्रतिवेदन जनपद सीईओं को सौंप दी गई है अब आगे की कारवाई अधिकारी करेंगे। वहीं जनपद सीईओ संदीप सिंह पोयाम का कहना है कि जांच प्रतिवेदन प्राप्त हो गई इस मामले को गंभीरता से लेतें हुए निष्ठावान से निष्पक्ष कारवाई की जाएगी।

जुडावनलाल गबेल जनपद सदस्य- परमेश्वरी बिरेन्द्र गबेल उप सरपंच ग्राम पंचायत बुन्देली ने कहा कि इस मामले के जांच प्रतिवेदन को बदलवाने के लिए सरपंच व् तत्कालीन सचिव द्वारा सत्तापक्ष के नेताओं द्वारा अधिकारीयों पर दबाव बनवाई जा रही है।  जिस मामले में संदेह है की कही राजनितिक दबाव में आकर अधिकारी अपना कर्तव्य भूल ना जाए जिसकी आशंकाए बनी हुई है.इस कूटरचना के मामले में दोषियों पर बड़ी कारवाई अति आवश्यक है ताकि भविष्य में इस तरह भ्रष्टाचार न हो।