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सिकुड़े फेफड़े मे फुकी जान ,डाक्टर भगवान बनकर बचाये नवजात शिशु की जान

 सिकुड़े फेफड़े मे फुकी जान ,डाक्टर भगवान बनकर बचाये नवजात शिशु की जान

 हेमन्त मिश्रा

बलौदाबाजार। धरती मे डाक्टरों को युंही भगवान नही कहा जाता आज भी जब जान पर बन आती है तब डाक्टर ही सामने आकर नयी जिंदगी देता है यह हम नही  बिलासपुर जिले के ग्राम सिरगिट्टी का रजक परिवार कह रहा है. 


 बिलासपुर जिले के सिरगिट्टी  निवासी दीपक कुमार रजक  ने बताया कि 30 जनवरी को उसके पत्नी दामिनी के पेट मे तेज दर्द होने लगा जिससे उसे चंदा देवी हास्पिटल लाया गया उस वक्त वह सात माह की प्रेगनेंट थी. उसकी हालत बिगड़ रही थी ऐसे मे यहाँ के डाक्टरों ने तुरंत आपरेशन किया और बच्चे को बाहर निकाला उस वक्त  बच्चा काफी कमजोर था जिसे डाक्टरों ने अपनी अथक मेहनत से बचा लिया और आज उसकी पत्नी और बच्चा दोनो स्वस्थ है. मुसीबत के वक्त यहाँ के डाक्टर हमारे लिये भगवान बनकर आये है. हम ऊपर वाले से प्रार्थना भी कर रहे थे कि रक्षा करना और यहाँ के डाक्टरों ने कमाल कर दिया.

चंदा देवी तिवारी हॉस्पिटल में सांस की बिमारी से जूझ रहे एक नवजात शिशु को नई जिंदगी प्रदान करने में सफलता प्राप्त की है स्त्री रोग विशेषज्ञ गोल्ड मेडलिस्ट डॉ गीतिका शंकर तिवारी ने अपने लम्बे समय के अनुभव और कौशल को दिखाते हुए शिशु और माता को बचाने में कामयाब रही , डाक्टर गीतिका शंकर तिवारी ने बताया कि समय से पहले जन्म होने के कारण नवजात शिशु का वजन मात्र 1.5 किलो का था  फेफडा़ सिकुड़ गया था और उसे सांस लेने में बेहद तकलीफ हो रही थी !


जिसके पश्चात शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ राहुल देव ने अपने कौशल से उस बच्चे के सांस की नाली में ET TUBE से सर्फेक्टेंट डाल के उसे सांस लेने में मदद की , बच्चे के स्वस्थ्य में गिरावट आने के कारन उसे वेंटीलेटर पर डाला गया जिसमे उसे राहत मिली डॉक्टर राहुल देव और चंदा देवी तिवारी हॉस्पिटल के स्टाफ के निरंतर प्रयास और सतर्कता से बच्चे को दिन रात वेंटीलेटर की सुविधा दी गयी . बच्चे को 4 बार उन्होंने वेंटीलेटर से हटाने की कोशिश की परन्तु उसकी तबियत बार बार बिगड़ जा रही थी जिसके कारण उसे कुछ लम्बे समय तक वेंटीलेटर पर रखा गया उसकी जान बचाने में सफलता प्राप्त हुई और बच्चे को स्वस्थ रूप में  डिस्चार्ज कर दिया गया है. इस कार्य को सफल बनाने मे हमारे यहाँ के शिशु रोग विशेषज्ञ डा राहुल देव डा नितिन तिवारी डा ऋत्विक राय सहित स्टाफ का योगदान रहा.