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सात लाख के तीन इनामी नक्सलियों सहित चार ने किया आत्मसमर्पण

 सात लाख के तीन इनामी नक्सलियों सहित चार ने किया आत्मसमर्पण

नारायणपुर।   पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुन्दरराज पी एवं एसपी  मोहित गर्ग के द्वारा लगातार नक्सल विरोधी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस द्वारा चलाये जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के कारण नक्सलियों पर बढ़ते दबाव एवं शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर जिला नारायणपुर में 04 नक्सली सदस्यों द्वारा माओवादी संगठन को छोड़कर समाज के मुख्यधारा में सम्मिलित होने नारायणपुर पुलिस के समक्ष शुक्रवार को आत्म समर्पण किये है।
आत्मसमर्पित करने वाले नक्सलियों की सक्रियता एवं कार्यक्षेत्र- हेमबती सलाम उर्फ मनीषा (माड़ डिवीजन मास स्कूल शिक्षिका)- वर्ष 2005 में नक्सली कमाण्डर रामू द्वारा संगठन में शामिल किया गया।

संगठन में शामिल होने के बाद सीएनएम कमाण्डर फुलबती के साथ 05-06 महिना साथ रहकर कार्य करती रही, बाद वर्ष 2005 में ही नक्सली कमाण्डर रामू एवं कमाण्डर नवीन ने माड़ डिवीजन टेलरिंग टीम का सदस्य बनाकर 12 बोद बंदूक दिया गया। वर्ष 2005 से वर्ष 2010 तक माड़ डिवीजन टेलरिंग टीम सदस्य के रूप में सक्रिय कार्य करने पर वर्ष 2010 में नक्सली कमाण्डर रामू ने ।ब्ड एरिया कमेटी सदस्य बनाकर टेलरिंग टीम का डिप्टी कमाण्डर बनाया।

वर्ष 2011 में माड़ डिवीजन सचिव राजमन ने माड़ डिवीजन टेलरिंग टीम का कमाण्डर बनाकर 303 रायफल दिया। वर्ष 2011 से वर्ष 2015 तक माड़ डिवीजन टेलरिंग टीम कमाण्डर के रूप में कार्य की। माड़ डिवीजन टेलरिंग टीम में कार्य करने के दौरान टेलरिंग टीम हेतु सिलाई के लिए वर्दी कपड़ा, सुई-धागा, सिविल कपड़ों की व्यवस्था कमाण्डर रामू डीव्हीसीएम एवं माड़ डिवीजन सचिव राजमन के द्वारा किया जाता था। संगठन में कार्य करने के दौरान वर्ष 2012 में सुनील डीव्हीसी के संपर्क में आने पर संगठन द्वारा दोनों को विवाह कराया गया।

वर्ष 2015 में ही माड़ डिवीजन सचिव राजमन ने मास स्कूल षिक्षिका बनाकर माड़ डिवीजन मास टीम में भेज दिया। उस समय मास स्कूल टीम का कमाण्डर डीव्हीसीएम जीवन था। मास टीम में जाने के बाद कमाण्डर जीवन ने 8उउ रायफल दिया। मास टीम षिक्षिका के रूप में कार्य करने के दौरान वर्ष 2016 के मार्च महिने में इसके पति सुनील डीव्हीसीएम ग्राम नेलसनार जिला बीजापुर क्षेत्र में निर्माणाधिन रोड़ पर बम लगाने के दौरान बम विस्फोट होने से देहांत हो गया। वर्ष 2020 में विष्वनाथ उर्फ मंगेष गढ़चिरौली डिवीजन के संपर्क में आने पर नवम्बर 2020 में संगठन के मर्जी से शादी कर लिये।

शादी होने के बाद से विष्वनाथ उर्फ मंगेष मास टीम सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात है। वर्ष 2015 से 23 मार्च 2021 तक मास टीम षिक्षिका के रूप में कार्यरत रही। मार्च 2021 में वर्तमान में पुलिस द्वारा लगातार नक्सल अभियान चलाने तथा नये-नये कैम्प खुलने से नक्सली संगठन में दबाव बढऩे से कई बड़े नक्सली द्वारा आत्म समर्पण करने तथा माओवादियों की खोखली विचारधारा से त्रस्त होकर आत्समर्पण करने का फैसला कर दिनांक 23.03.2021 को रात्रि में मनीषा, विष्वनाथ उर्फ मंगेष एवं सुमित्रा नक्सली संगठन छोड़कर अपने गांव ग्राम महिमा गवाड़ी के लिए जंगल-जंगल होते हुये निकल गये।

लगातार 02 दिन पैदल चलकर दिनांक 25.03.2021 को ग्राम महिमागवाड़ी पहुंचे और नारायणपुर पुलिस से सम्पर्क कर आज दिनांक 02.04.2021 को नारायणपुर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण की है।
मंगू मोडिय़ामी उर्फ मंगेश उर्फ विश्वनाथ (उत्तर गढ़चिरोली कसनसुर एरिया कमेटी में कसनसुर एलओएस सदस्य)- वर्ष 2017 में राजेश डीव्हीसीएम ने डल्ला मिलिशिया में भर्ती किया। डल्ला मिलिशिया कमाण्डर बदरू व डल्ला जनताना सरकार अध्यक्ष सोमलूम के साथ कार्य किया। वर्ष 2018 में संदेश डीव्हीसीएम ने जगरगुण्डा एरिया कमेटी में एरिया कमेटी कमाण्डर जोगा के पास भेज दिया।

जगरगुण्डा एरिया कमेटी में 06 महिना कार्य करने के बाद पापाराव एसजेडसीएम, विकास एसजेडसीएम एवं संदेश डीव्हीसीएम ने बदली प्रस्ताव बताकर उत्तर गढ़चिरोली डिवीजन में भेज दिया। उत्तर गढ़चिरोली में पवन एसजेडसीएम ने पार्टी सदस्य बनाकर  विलाश डीव्हीसीएम उत्तर गढ़चिरौली डिवीजन कमाण्ड इनचीफ का गार्ड बनाया। विलाश का गार्ड के रूप में वर्ष 2019 तक कार्य किया।

वर्ष 2019 को प्रभाकर एसजेडसीएम ने बदली कर कसनसुर एरिया में कसनसुर एलओएस सदस्य बनाया। वर्ष 2020 में मनीषा से शादी करने का प्रस्ताव पारित होने पर माड़ डिवीजन के मास स्कूल में आया और वहां प्रोटेक्शन की जिम्मेदारी दिया गया था। वर्ष 2020 के अगस्त महिने में मास स्कूल शिक्षिका मनीषा के साथ शादी कर लिया। वर्ष 2020 से अब तक माड़ डिवीजन मास स्कूल प्रोटेक्शन के कार्य में कार्यरत था। मार्च 2021 में वर्तमान में पुलिस द्वारा लगातार नक्सल अभियान चलाने तथा नये-नये कैम्प खुलने से नक्सली संगठन में दबाव बढऩे से कई बड़े नक्सली द्वारा आत्म समर्पण करने तथा माओवादियों की खोखली विचारधारा से त्रस्त होकर आत्समर्पण करने का फैसला कर दिनांक 23.03.2021 को रात्रि में मनीषा, विष्वनाथ उर्फ मंगेष एवं सुमित्रा नक्सली संगठन छोड़कर अपने गांव ग्राम महिमा गवाड़ी के लिए जंगल-जंगल होते हुये निकल गये। लगातार 02 दिन पैदल चलकर दिनांक 25.03.2021 को ग्राम महिमागवाड़ी पहुंचे और नारायणपुर पुलिस से सम्पर्क कर आज दिनांक 02.04.2021 को नारायणपुर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया गया।  
प्रमुख घटना जिसमें शामिल था
ग्राम काड़सी के सामोर्ची एलओएस के कार्यक्षेत्र में ग्राम काड़सी के डेरा में फायरिंग होने से सुशीला पीपीसीएम, 10वीं कंपनी सदस्य मारी गई और कम्पनी नम्बर 04 के सदस्य सरिता पीपीसीएम एवं जया सीवाईपीसी को हाथ में गोली लगने से घायल हुई थी।
कसनसुर एलओएस के कैम्प कोर्सी में फ ायरिंग की घटना।
नरकस्सा फायरिंग की घटना टीपरागढ़ एरिया में कम्पनी नं. 04 व कसनसुर एलओएस के एपीटी स्थान पर फायरिंग की घटना।
मासे पोडिय़ाम उर्फ सुमित्रा (इन्द्रावती एलओएस सदस्य)- वर्ष 2018 में नक्सली कमाण्डर रत्ती निवासी अकुड़ एवं समलू पीएम