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किसानों के लिए लगे हुए सौर ऊर्जा सिंचाई पंप को वन विभाग द्वारा ले जाया गया, शिकायत दर्ज करने पर वापस वहीं फेंक दिया

किसानों के लिए लगे हुए सौर ऊर्जा सिंचाई पंप को वन विभाग द्वारा ले जाया गया, शिकायत दर्ज करने पर वापस वहीं फेंक दिया

कोरिया, 29 अक्टूबर। कोरिया जिला के ग्राम पंचायत घघरा के आश्रित ग्राम पोड़ी का मामला जहां के स्थानीय सरपंच और स्थानीय पंच ने बताया कि हमारे ग्राम पोड़ी में वन विभाग समिति के द्वारा क्रेडा योजना के तहत किसानों के सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा सिंचाई पंप लगवाया गया था, जिसका लाभ भी किसानों को मिल रहा था मगर अचानक पंप खराब हो जाने से वह बंद हो गया। उसी समय वन कर्मी के द्वारा पोड़ी मे आकर सौर ऊर्जा की पूरी प्लेटों को लेकर वहां से दूसरी जगह ले गया। जिसके बाद ग्राम पंचायत घघरा ने लिखित रूप से जनकपुर थाने में शिकायत भी दर्ज करवाई थी, शिकायत दर्ज होने के अगले दिन ही सौर ऊर्जा की प्लेट वापस तो आ गई, मगर प्लेटों को वहीं फेंक दिया गया अब ग्रामीणों का कहना है कि जिस तरह प्लेटों को इन्होंने खोल कर ले गया उसी तरह हमारी प्लेटों का सेटअप तैयार कर के हमें दें।


ग्राम पोड़ी में लोगों ने बताया कि सौर ऊर्जा प्लेट पड़े होने के कारण पानी की सुविधा हम लोग को नहीं मिल पा रही है गेहूं की फसल भी करनी है जिसके लिए पानी की आवश्यकता हम गरीब किसानों को है, यदि सौर ऊर्जा का सेटअप लग जाता तो हम समर्सिबल पंप को उस पर डलवा देते जिससे हमें पानी का लाभ मिल सके और हम खेती कर सके। और वही गांव की महिलाओं ने बताया कि हमें पानी लेने के लिए 1 किलोमीटर दूर पगडंडी रास्ते में जाना पड़ता है यदि हमारे यहां सौर ऊर्जा पंप चालु होता तो हमें इतनी समस्याओं का सामना ना करना पड़ता।

आपको बता दें कि शिकायत वन कर्मी विकास जी के नाम से हुई थी जिन से हमारी बातचीत हुई तो उन्होंने हमें बताया कि विभाग के एसडीओ साहब के निर्देश में हमने यह सौर ऊर्जा की प्लेटों को वहां से हटवाया और फिर वापस भी वही रख दिया। मगर अब बात यह है कि आखिर सौर ऊर्जा के सेटअप को सेट कौन करवाएगा।

अब प्रश्न चिन्ह यहां पर यह उठता है कि क्रेडा विभाग के द्वारा लगाया गया सिंचाई विभाग पंप के प्लेटों को क्या वन विभाग के द्वारा निकलवाया जा सकता है बिना ग्राम पंचायत की अनुमति लिए हुए और शिकायत के बाद वापस भी किया जाता है तो उसे वहीं फेंक दिया गया।