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दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के मांग का समर्थन करने पहुंची जिला पंचायत सदस्य अनीता ध्रुव, विधानसभा घेराव में भी होगी शामिल

दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के मांग का समर्थन करने पहुंची जिला पंचायत सदस्य अनीता ध्रुव, विधानसभा घेराव में भी होगी शामिल

संजय जैन, धमतरी। सर्व विभागीय दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी संघ ने राज्य के भूपेश सरकार के खिलाफ वादा निभाओ आंदोलन छेड़ दिया है। कांग्रेस सरकार के जन घोषणा-पत्र में नियमितीकरण किए जाने को पूरा करने की मांग लेकर रैली निकालकर प्रदर्शन किया। इसमें धमतरी जिले के सैकड़ों कर्मचारी शामिल हुए। 

दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों ने कहा कि राज्य सरकार के तीन वर्ष पूर्ण हो जाने के बाद भी नियमितीकरण की घोषणा पूरा नहीं करने पर सरकार को उनका वादा याद दिलाने के लिए कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन कर रैली निकाली गई। उक्त आंदोलन का समर्थन करने धमतरी जिला पंचातय सदस्य कर्मचारियों के साथ आंदोलन में जुटी गई है। 

अनीता ध्रुव ने भूपेश सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस पार्टी की ओर से प्रदेश के जनता के साथ विभिन्न घोषणा की गई थी। कांग्रेस की सरकार ने हाथ में गंगा जल लेकर यह वादा किया था कि जैसे ही उनकी सरकार सत्ता में आएगी 10 दिन के भीतर दैनिक वेतन भोगी कर्मचरियों का नियमितीकरण कर दिया जाएगा। 


सरकार तो बन गई लेकिन वादा पूरा नहीं किया। शासन स्तर पर गठित समिति का कार्य कछुआ की गति से भी धीमा है। एक वर्ष से अधिक समय हो जाने पर भी एक भी निर्णय नही ले पाई है। आज भूपेश सरकार को तीन वर्ष होने को लेकिन सरकार अपना असली रूप दिखा दी है और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी एवं बेरोजगारों से किए वादे भूल गई है। 

उन्होंने कहा कि दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों ने नियमितीकरण की मांग के मद्देनजर 16 दिसम्बर को विधानसभा का घेराव किया जा रहा है, जो उचित है। इसका मैं पूर्णरूप से समर्थन करते हुए उनके साथ विधानसभा घेराव में शामिल होंऊंगी। विधानसभा घेराव कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिला पंचायत सदस्य अनीता ध्रुव के समर्थक भी कार्यक्रम में शामिल होगें।

जिला पंचायत सदस्य अनीता ध्रुव ने बताया कि विधानसभा घेराव कार्यक्रम में शामिल होने की जानकारी जिला प्रशासन को दे दी है। चर्चा के दौरान अनीता ध्रुव ने कहा कि हाथ में गंगाजल लेकर झुठी कसमें खाने वाली कांग्रेस सरकार को याद दिलाया कि सर्व विभागीय दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को लुभावने घोषणा की लालच देकर छत्तीसगढ़ में सत्ता हासिल किया था, लेकिन तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी सारी घोषणा को दरकिनार कर दिया गया।

जिससे दैनिक वेतनभोगी, कलेक्टर दर, संविदा, मानदेय, प्लेसमेंट, अंशकालिक, जावबर, ठेका कर्मचारियों में कांग्रेस सरकार के प्रति आक्रोश पनप रहा है। भूपेश सरकार के द्वारा अनियमित कर्मचारियों पर की जा रही उपेक्षा के चलते विभिन्न संघ एक बार फिर सड़क पर उतरने मजबूर हो रहे हैं। अनीता ध्रुव ने भूपेश सरकार पर आरोपी लगाया है कि सरकार अनियमित कर्मचारियों के साथ धोखाधड़ी कर रही है।