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सत्ता में आते ही जो बाइडेन ने लिए बड़े फैसले

सत्ता में आते ही जो बाइडेन ने लिए बड़े फैसले

राष्ट्रपति बनने के कुछ ही घंटों बाद जो बाइडेन ओवल ऑफिस पहुंचे और पत्रकारों को बतौर राष्ट्रपति टिप्पणी देते हुए कहा, "आज काम शुरू करने का समय है." बाइडेन ने पद संभालते ही कई कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए जिनमें सबसे महत्वपूर्व है अंतरराष्ट्रीय पेरिस जलवायु समझौते में अमेरिका का दोबारा शामिल होना. उन्होंने डॉनल्ड ट्रंप के कई फैसलों को मिनटों में पलट डाला.

बाइडेन ने जिन कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए उनमें मैक्सिको से लगी सीमा पर दीवार बनाने के फैसले और उसकी फंडिंग को रोकना और कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए फैसला भी शामिल है, जिसके तहत सरकारी इमारतों में चेहरों पर मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया गया है.

पूर्व राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप अक्सर अपने दफ्तर और अन्य जगहों पर बिना मास्क के ही नजर आते थे लेकिन बाइडेन ने अपने दफ्तर में मास्क पहने इन आदेशों पर हस्ताक्षर किए. इसी के साथ उन्होंने मुस्लिम बहुल देशों से यात्रा संबंधित प्रतिबंध भी हटा दिया. उन्होंने अमेरिका के दोबारा विश्व स्वास्थ्य संगठन से हटने की प्रक्रिया को भी रोक दिया है.

बाइडेन ने कुल 15 कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए. वो पिछले चार सालों की ट्रंप की नीतियों को तेज गति के साथ पलटना चाहते हैं. सिर्फ दो राष्ट्रपतियों ने ही अपने कार्यकाल के पहले दिन कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए थे, वह भी एक-एक. लेकिन अमेरिका इस वक्त कोरोना वायरस महामारी के गंभीर संकट से गुजर रहा है और देश की अर्थव्यवस्था की हालत नाजुक है. बाइडेन अपने कार्यों से यह जताना चाह रहे हैं कि बिना देर किए आगे बढ़ने की जरूरत है और वो इन सब कार्यों को करने के लिए सक्षम हैं.

ओवल दफ्तर में कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर करते वक्त बाइडेन मास्क लगाए हुए थे. ट्रंप के साथ शायद ही ऐसा कभी देखा गया हो. बाइडेन ने एक और आदेश जारी किया है जिसके तहत संघीय दफ्तरों में कर्मचारियों के लिए शारीरिक दूरी और मास्क लगाना अनिवार्य हो गया है. कोरोना महामारी की वजह से आर्थिक संकट झेल रहे लोगों की आर्थिक मदद का ऐलान भी किया गया है. उन्होंने कोरोना वायरस से निपटने के लिए एक नया संघीय समन्वय कार्यालय बनाया है और वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा और रक्षा के लिए व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद निदेशालय को दोबारा बहाल किया है, ट्रंप ने अपने कार्यकाल में इसे बंद कर दिया था.

ये कार्रवाई नए राष्ट्रपति की सर्वोच्च नीति प्राथमिकता को दर्शाती है जिसमें महामारी से निपटना सबसे अहम है. शपथ समारोह के बाद बाइडेन ने अपने भाषण के दौरान कुछ पल के लिए उन लोगों के लिए मौन रखा था जिनकी जान कोरोना वायरस के कारण चली गई. अपने भाषण में उन्होंने कहा आने वाले हफ्तों में ''गति और तत्परता के साथ आगे बढ़ेंगे.'' बाइडेन ने कहा, "हमारे पास आपदा के इस समय में बहुत कुछ करना है, महत्वपूर्ण संभावनाएं हैं, सुधार करने के लिए बहुत है और हमें बहुत कुछ हासिल करना है.''

नस्लभेद पर बाइडेन

बाइडेन ने नस्लभेद को लेकर भी कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किया है. जिसके तहत संघीय एजेंसियों को नस्लभेद को खत्म करने को कहा गया है और ऐसी नीतियों की समीक्षा करने को कहा है जो प्रणालीगत नस्लवाद को मजबूत करती हैं. बाइडेन ने 2020 की जनगणना से संबंधित ट्रंप के दो आदेशों को भी रद्द कर दिया है.

उन्होंने संघीय कर्मचारियों को नैतिकता की प्रतिज्ञा लेने का भी आदेश दिया जो न्याय विभाग की स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है. बाइडेन ने अपने शपथ ग्रहण के बाद भाषण में कहा था, "अमेरिका में हर व्यक्ति की आवाज सुनी जाएगी. अमेरिका विभाजनकारी, धार्मिक भेदभाव, नस्लवाद को खारिज कर अपना एकजुट चेहरा पेश करेगा. धर्म, जाति, नस्ल,रंग की पहचान को अलग रखकर मैं हर अमेरिकी का राष्ट्रपति बनूंगा."

रिपब्लिकन पार्टी ने संकेत दिया है कि बाइडेन को उनके कुछ एजेंडे के लिए उग्र विरोध का सामना करना पड़ेगा. बाइडेन की प्रेस सचिव जेन साकी ने कहा है कि पहले दिन जो फैसले लिए गए हैं वे बस शुरुआत है. उन्होंने कहा, "आने वाले दिनों में हम अतिरिक्त कार्यकारी आदेशों का ऐलान करेंगे और चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा किया जाएगा."