सीमा विवाद को लेकर ब्यानर के ग्रामीणों में आक्रोश

सीमा विवाद को लेकर ब्यानर के ग्रामीणों में आक्रोश

सैकड़ों की तादात में विरोध करते, राजस्व एवं वनविभाग के प्रति नाराजगी

भानुप्रतापपुर, 17 अक्टूबर। ग्राम पंचायत डोंगरकट्टा के आश्रित गांव ब्यानर,डोंगरकट्टा एवं उच्चपानी के ग्रामीण जमीन सीमा विवाद को लेकर आमने -सामने हो रहे है। ब्यानर के सीमा क्षेत्र  पर बेवजह कब्जा किये जाने को लेकर आज शनिवार को ब्यानर के सैकड़ो ग्रामीण उच्च पानी पहुचमार्ग पर एकत्रित होकर विरोध करते नजर आ रहे है। 

ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच महर सिंह उसेंडी ने बताया कि वर्षों पहले हमारे पूर्वजों के द्वारा उक्त तीनों गांवों के अनुसार सीमा बनाई गई थी, जिसका आज भी निशान व स्थल चिन्हांकित है।

 ब्यानर के ग्रामीण आज भी पूर्वजों द्वारा बनाये गए नियमो का पालन करते हुए उस जंगल  क्षेत्र में नवतोड़ व निस्तारी करते हुए आ है है।  वर्तमान में शासन द्वारा जंगल क्षेत्र से लगे ग्रामीणों को  सामूहिक व व्यक्तिगत वन भूमि पट्टा आबंटित किया जा रहा है ताकि जंगल की  सुरक्षा के साथ ही वनवासियों का जीविका पार्जन हो सके।


लेकिन अब उच्चपानी एवं डोंगरकट्टा के ग्रामीण जमीन के लालच में आकर पूर्वजों द्वारा बनाये गए नियम कायदे को दर किनार करते हुए  निर्धारित जमीन सीमा से आगे बढ़ रहे है। जिसके चलते ब्यानर के ग्रामीणों का हक मारा जा रहा है,क्योकि इसी जंगल से ही ग्रामीण नवतोड़ एवं निस्तारी कार्य हो रहे थे,यदि उच्चपानी एवं डोंगरकट्टा के ग्रामीणों द्वारा हमारे जंगल क्षेत्र में कब्जा करेंगे तो हम कह जाएंगे। इस सम्बंध में राजस्व एवं वन विभाग को भी हम ग्रामीणों द्वारा आवेदन दिया गया है, लेकिन आज पर्यन्त तक इसका निराकरण नही हो पाया है। जब तक हमारी समस्या का निदान नहीं मिल जाता तब तक हमारा विरोध जारी रहेगा।

इस संबंध में कृष्णा इरघट वन परिक्षेत्र अधिकारी कोरर ने कहा कि जंगल जमीन कि सीमा विवाद  पूर्व से ही चले आ रहे है। पंचायत के अंतर्गत डोंगरकट्टा, उच्चपानी एवं ब्यानर के ग्रामीण कभी भी एकजूट होकर विवाद का निराकरण करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई है। इसके लिए पटवारी एवं वन वनविभाग के कर्मचारियों द्वारा कर विवाद को सुलझाने का प्रयास किया जाएगा।