जहां प्रशासन अमला नहीं पहुंचा, नक्सलियों की मांद में घुसकर बेंगपाल पहुंचे स्वास्थ्यकर्मी

जहां प्रशासन अमला नहीं पहुंचा, नक्सलियों की मांद में घुसकर बेंगपाल पहुंचे स्वास्थ्यकर्मी

बाहर से आए लोगों को किया परीक्षण, तीन बच्चों को किया आइसोलेट

मुकेश श्रीवास

दंतेवाडा, 13 अप्रैल। छत्तीसगढ़ के वनांचल में कई गांव ऐसे हैं, जहां आज भी शासन और प्रशासन की योजना पहुंचना तो दूर, बल्कि योजनाओं की जानकारी भी नहीं मिल पाती। इसकी बड़ी वजह यह है कि एक ओर नक्सली दहशत तो दूसरी ओर रास्तों का आभाव। वहीं, दूसरी ओर इन दिनों कोरोना जैसी गंभीर महामारी संक्रमण लगभग पूरे विश्व में फैला हुआ है। ऐसे हालात में इन गांवों में जानकारी और बचाव के संदेश भेज पाना भी असंभव सा है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इस असंभव काम को कर दिखाया है, जी हा दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल से करीब 30 किलो मीटर दूर एक गांव, जहां स्वास्थ्य विभाग की टीम पहाडों और जंगलों को पर करते हुए पहुंचकर लोगों की जांच की। वहीं, इस दौरान बाहर राज्य से आए तीन लोगों को होम आइसोलेट भी किया। इस काम में सर्वआदिवासी समाज की ‘सतत निगरानी दल’ ने स्वास्थ्यकर्मियों की मदद की।

दरअसल हम बात कर रहे हैं दंतेवाड़ा जिले के बेंगपाल की, जहां आज तक प्रशासनिक अमला नहीं पहुंच पाई है। इन गांव के ग्रामीणों का आज भी राशन सहित दैनिक उपयायेग की वस्तुओं के लिए आस—पास के गांवों के भरोसे रहना पड़ता है। इस गांव में पहुंचने के लिए मुख्यालय से कुछ दूर तक तो सड़कें हैं, लेकिन अंतिम 10 किलोमीटर पैदल ही जाना पड़ता है। वहीं, दूसरी ओर कोरोना संकट के बीच आस पास के गांवों में लगभग 126 लोग अपने घर लौटे हैं। ये सभी लोग काम की तलाश में दूसरे राज्य गए हुए थे। इस बात की जानकारी होते ही स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों ने सर्वआदिवासी समाज के लोगों के साथ बेंगपाल पहुंचे। यहां पहुंचने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम को पहाड़ और जंगल के बीच पथरीले रास्तों से होकर गुजरना पड़ा, लेकिन जिम्मेदारी और लोगों तक सुविधा पहुंचाने का जूनून उन्हें गांव तक ले गया।