सुपरपावर अमेरिका से लेकर तकनीक धाक रखने वाला इजरायल कर रहा भारत का गुणगान

सुपरपावर अमेरिका से लेकर तकनीक धाक रखने वाला इजरायल कर रहा भारत का गुणगान

  

नईदिल्ली।  कोरोना से लड़ाई में  भारत की उदार छवि को और प्रभावी बना सकती है।   क्योंकि भारत में बनने वाली मलेरिया की दवाई हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन की मांग सुपरपावर अमेरिका से लेकर तकनीक की दुनिया में अपनी धाक रखने वाले इजरायल तक कर रहे हैं।  

यहां तक कि कल तक जो कश्मीर पर पाकिस्तान के साथ थे वो भी भारत से ये दवाई मांग रहे हैं।  शायद मलेशिया और तुर्की कश्मीर पर अब उस तरह से पाकिस्तान की तरफदारी न कर पाएं।   

भारत अब तक 13 देशों को इस दवा की आपूर्ति कर चुका है और अभी भी दुनिया के कई देश इसके लिए कतार में हैं. भारत कुल 55 देशों को हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन की सप्लाई करेगा, जिसमें अमेरिका-ब्रिटेन से लेकर युगांडा जैसे देश शामिल हैं। 

हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन एंटी मलेरिया ड्रग है, जिसका इस्तेमाल अर्थराइटिस और लूपस के उपचार में भी किया जाता है. भारत हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन का सबसे बड़ा उत्पादक देश है और हर साल 5 करोड़ डॉलर के मूल्य का निर्यात करता है. दुनिया में हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन उत्पादन में अकेले भारत की 70 फीसदी की हिस्सेदारी है. भारत को दुनिया की फार्मेसी कहा जाता है।  अफ्रीका के कुछ देशों और लैटिन अमेरिकी देशों को मानवता के नाते दवाई निर्यात करने के फैसले को लेकर भी भारत की तारीफ हो रही है. ब्राजील के राष्ट्रपति जैर बोल्सानारो और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन भेजने के लिए शुक्रिया अदा किया. यूके समेत कई अन्य देश भी भारत का आभार व्यक्त कर चुके हैं। 

हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन को कोरोना वायरस की लड़ाई में गेमचेंजर बताने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी भारत का गुणगान किया. ट्रंप ने ट्वीट किया, असाधारण वक्त में दोस्तों के सहयोग की जरूरत और बढ़ जाती है. हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन पर फैसले के लिए भारत और भारत के लोगों को शुक्रिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत कोरोना से लड़ाई में पूरी मानवता पर उपकार कर रहा है। 

chandra shekhar