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पहुंचविहीन मार्ग होने पर मरीज की जान बचाने नाले को पार कर पैदल पहुंचे 108 संजीवनी की टीम

पहुंचविहीन मार्ग होने पर मरीज की जान बचाने नाले को पार कर पैदल पहुंचे 108 संजीवनी की टीम

दंतेवाड़ा, 27 अक्टूबर। 108 संजीवनी कर्मियों के लिए मरीज की जान बचाना और उन्हें जल्द से जल्द बेहतर उपचार के लिए हॉस्पिटल पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता में है।  इसका एक और उदाहरण मंगलवार को मोलासनार में देखने को मिला जहां दुर्गम और पहुंचविहीन मार्ग की चुनौती को दूरकर 108 की टीम ने घायल अधेड़ की जान बचाई। 

108 की ईएमटी प्रियंका साहू ने बताया कि हमें कॉल सेंटर के माध्यम से सूचना मिली कि मोलासनार निवासी बुधराम उम्र 50 वर्ष अपने 4 साथियों के साथ मछली पकड़ने गए हुए थे और चोट लगने पर घायल हो गए हैं। सूचना मिलते ही तत्काल मैं और ईमटी प्रियंका साहू पायलट अशोक कुमार घटना स्थल के लिए रवाना हुए। नजदीक पहुंचने पर पता चला कि आगे का 500 मीटर का रास्ता दुर्गम और एम्बुलेंस के लिए पहुंचविहीन है। घायल को त्वरित चिकित्सा सुविधा मुहैय्या कराने ईमटी और पायलट पैदल ही स्पाइन बोर्ड ( स्ट्रेचर)  लेकर मरीज को लेने पहुंचे। वहां जाकर देखे तो घायल बुधराम के कमर फैक्चर होने के साथ पैर में भी चोट आई है। ऐसे में वे चलने में बिल्कुल असमर्थ थे। अतः हम जंगल- झाड़ी और नाले को पार कर स्ट्रेचर की मदद से बुधराम को एम्बुलेंस तक लेकर आएं। घायल व्यक्ति के गम्भीर स्थिति को देखते हुए ईआरसीपी की मदद लेकर डॉक्टर के सलाह अनुसार उनका इलाज करते हुए उन्हें जिला अस्पताल दंतेवाड़ा में एडमिट किया गया। जहां अभी डॉक्टरों द्वारा उनका इलाज किया जा रहा है।


आपको बताते चलें कि अनेक चुनौतियों के बीच 108 की टीम जिलेवासियों को पूरी तत्परता से बेहतर आपातकालीन सेवाएं प्रदान कर रही है। इसके कई उदाहरण पूर्व में भी देखने को मिल चुका है।