रेपो और रिवर्स रेपो रेट में ऐतिहासिक कटौती, बैंक ईएमआई में तीन महीने की छूट दे सकते हैं

रेपो और रिवर्स रेपो रेट में ऐतिहासिक कटौती, बैंक ईएमआई में तीन महीने की छूट दे सकते हैं

नई दिल्ली, 27 मार्च। कोरोना वायरस से आर्थिक मंदी गहराने की चिंताओं के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कई अहम फैसले किए हैं. केंद्रीय बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रेपो रेट में 75 बेसिस प्वाइंट्स की बड़ी कटौती करने का ऐलान किया. आरबीआई के इतिहास में इस सबसे बड़ी कटौती के बाद रेपो रेट 5.15 से घटकर 4.40 फीसदी हो गया है.

उधर, रिवर्स रेपो रेट में में 90 बेसिस प्वाइंट्स की कटौती कर इसे चार फीसदी कर दिया गया है. आरबीआई मुखिया शक्तिकांत दास के मुताबिक यह फैसला कोरोना वायरस से फैलने वाली आर्थिक मंदी का मुकाबला करने के लिए किया गया. उनकी मानें तो इसका मकसद यह है कि बैंकों को आरबीआई के पास पैसा जमा करते रहने से ज्यादा आकर्षक विकल्प यह लगे कि उस पैसे को उत्पादक क्षेत्रों के लिए कर्ज दिया जाए.

शक्तिकांत दास ने कहा कि कोरोना वायरस के चलते उपजे हालात में अनिश्चितता और नकारात्मकता का माहौल है. आरबीआई मुखिया कहना था कि इसका विकास दर पर बुरा असर पड़ेगा. उन्होंने ऐलान किया कि सभी बैंक और वित्तीय संस्थान अगले तीन महीनों के लिए अपने ग्राहकों को कर्ज चुकाने के मामले में ढील दे सकते हैं. यह ऐलान हर तरह के कर्ज पर लागू होगा. उनके मुताबिक केंद्रीय बैंक ने आज समेत हाल के समय जो ऐलान किये हैं उनसे बाजार में छह लाख करोड़ रु से भी ज्यादा की तरलता सुनिश्चित होगी.

शक्तिकांत दास ने बैंकों के ग्राहकों से न घबराने अपील भी की. उनका कहना था कि ग्राहकों को परेशान होकर अपना पैसा बैंक से निकालने की जरूरत नहीं है क्योंकि बैंकिंग सेक्टर की सेहत ठीक है. उन्होंने कहा कि यह बात सरकारी और प्राइवेट, दोनों बैंकों पर लागू होती है. शक्तिकांत दास का कहना था कि भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत है और वह इस संकट से निपटने में सक्षम है.