डी ए वी हितावर में बच्चों की ऑनलाइन पढाई शुरू

डी ए वी हितावर में बच्चों की ऑनलाइन पढाई शुरू

कक्षा 3 से 12 तक के बच्चों के बनाए 10 वाट्सएप ग्रुप

दंतेवाड़ा़, 4 अप्रैल।  डी ए वी हितावर में बच्चों की ऑनलाइन पढाई शुरू हो गई हैं। प्रशांत कुमार (डी. आर.ओ.) और सुनील कुमार (ए.आर. ओ.) के सुझाव पर लॉकडाउन के बीच भी बच्चों की पढ़ाई व खुद से जोड़े रखने ई- क्लासेस की शुरुआत की। जिसमें यहाँ के शिक्षकों ने कक्षा-3 से 12वीं तक के बच्चों के 10 अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुप तैयार किया हैं। इस समूह में कक्षावार 570 बच्चों को जोड़ा गया है। इसके जरिये 28 मार्च से बच्चों की पढ़ाई की शुरुआत हो गई हैं। इस तैयारी के लिये करीब एक हफ्ते का समय लगा।

हफ्ते भर में प्राचार्य बी के शर्मा के नेतृत्व में सभी शिक्षकों ने तैयारी की, बच्चों के अभिभावकों का व्हाट्सएप नम्बर लिया गया और फिर कक्षावार समूह बनाया। सभी ग्रुप में प्राचार्य बी के शर्मा खुद जुड़े रहकर मॉनिटरिंग भी कर रहे हैं। इस पहल की तारीफ अभिभावक व बच्चें भी कर रहे हैं। इस क्षेत्र में यह पहली बार हो रहा है।अच्छी बात ये है कि बच्चों ने भी शिक्षकों के बनाए व्हाट्सएप वीडियो देखकर पढाई की शुरुआत भी कर दी हैं। कोरोना वायरस के चलते पूरे देश में लॉकडाउन के कारण इस क्षेत्र में पढ़ाई  रूक सी गई थीं। प्राचार्य बी के शर्मा के प्रयासो से बच्चे एक बार फिर पढाई से जुड़ गये हैं।

इस तरह करा रहे है पढाई , असाइमेन्ट भी दे रहे हैं-

बच्चों की पढाई के लिये विषय शिक्षकों ने वीडियो लेसन तैयार कर रहे हैं। इस वीडियो को व्हाट्सएप ग्रुप में भेज रहे हैं और बच्चों से कहा जा रहा है कि वे इसे देखे और नोट करे। 

संस्था प्रमुख को इस तरह आया आइडिया

डी ए वी विद्यालय हितावर के प्राचार्य बी के शर्मा ने बताया कि कोरोना वायरस के कारण छत्तीसगढ़ शासन के दिशा निर्देश पर बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूल की छुट्टी कर दी गई थी। एक लंबे अर्से से घर पर बच्चे समय यू ही गंवा रहे थे। लम्बे वक़्त तक पढाई से दूर रहने के बाद बच्चों का मन पढाई में नहीं लगता। बच्चे पढ़ाई से दूर न हो ,घर पर कम से कम दो घंटे ही ई-क्लासेस के जरिए पढाई कर  ले।बच्चे पढाई से जुड़े रहे इसलिए हमने यह शुरुआत की है और जब स्कूल खुले  तो हम पढाई में लक्ष्य से भी आगे निकल गए तो यह एक बड़ी उपलब्धि होगी।

ग्रुप में जो नहीं जुड़ पाए उनके लिए भी निकाला तरीका

ग्रामीण क्षेत्र  होने के कारण बच्चे दूरस्थ गाँव में रहते हैं ,जहाँ नेटवर्क की समस्या है या जिन अभिभावकों के पास मोबाइल नहीं हैं , उनके लिए भी तरीका हैं कि आसपास के बच्चों की मदद से उन्हें भी यह वीडियो दिखाया जाएगा ।