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शर्मसार: अपनी ही नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म, आरोपी पिता गिरफ्तार

शर्मसार: अपनी ही नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म, आरोपी पिता गिरफ्तार

sakti।  शक्ति नगर से बेटी और पिता के रिश्ते शर्मसार करने वाली खबर सामने आ रहे है, जहां एक पिता ने अपने ही नाबालिक बेटी के साथ दुष्कर्म किया। 

इस मामले पर फास्ट ट्रैक कोर्ट पाक्सो शक्ति के विशेष न्यायाधीश यशवंत कुमार सारथी ने 15 वर्षीय नाबालिक पुत्री के साथ दुष्कर्म कर जबरन गर्भपात कराने के मामले में अभियुक्त पिता के विरुद्ध आरोपित अपराध दोष सिद्ध पाए जाने पर उसे आजीवन कारावास एवं अर्थदंड से दंडित करने का निर्णय पारित किया है।

क्या है पूरा मामला... 

विशेष लोक अभियोजक पाक्सो राकेश महंत शक्ति के अनुसार यह घटना शक्ति थाना क्षेत्र की है। नाबालिक अभियोक्त्री की मां की मृत्यु जब वह छोटी थी तभी हो गई थी उसके पश्चात उसके आरोपी पिता ने दूसरी शादी किया। उनकी इस मौसी मां की भी मृत्यु हो गई। 

नाबालिग बालिका अपने पिता के साथ रहती थी। घटना दिनांक 2 मार्च  2018 की है, जब नाबालिक अभियोक्त्री रात्रि में अपने बिस्तर में सोई हुई थी तो उसकी आरोपी पिता ने उसे डरा धमका कर चुप रहने की धमकी देकर नाबालिग बालिका के मना करने के बाद भी जबरदस्ती बलात्कार किया।  

आरोपी पिता लगभग 2 वर्षों तक अपनी पुत्री के साथ निरंतर डरा धमका कर जबरजस्ती बलात्कार आरोपी करते रहा। जिससे नाबालिक बालिका के पेट बढ़ने लगी और वह गर्भवती हो गई। 

तब उसके चाची नाबालिक बालिका से पूछा कि उसकी पेट कैसा बढ़ रहा है, तब नाबालिग अभियोक्त्री ने संपूर्ण घटना अपने चाची एवं चाचा को बताया।

उसके चाचा-चाची ने घटना की सूचना चाइल्डलाइन को दिया। चाइल्डलाइन ने अभियोक्त्री एवं उसकी चाची चाचा को जिला बाल कल्याण समिति जांजगीर ले  गया जहां नाबालिग बालिका की  बयान दर्ज किया गया।  उसके पश्चात उसकी काउंसलिंग हेतु सखी वन स्टॉप सेंटर जांजगीर ले जाया गया। 

जहां उसकी कथन दर्ज करने के बाद घटना की सूचना थाना शक्ति में दर्ज किए जाने हेतु लिखित में आवेदन दिया गया। थाना शक्ति द्वारा आरोपी पिता के खिलाफ अपनी ही नाबालिग पुत्री के साथ बलात्कार करने एवं जबर्दस्ती गर्भपात कराने हेतु जड़ी-बूटी खिलाने की मामला दर्ज किया गया।

आरोपी पिता को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में  जेल भेजा गया एवं थाना शक्ति द्वारा अपराध की विवेचना किया गया। 

विवेचना उपरांत अभियुक्त के खिलाफ अभियोग पत्र विशेष न्यायालय में पेश किया गया। विशेष न्यायाधीश फास्ट ट्रेक कोर्ट शक्ति यशवंत कुमार सारथी द्वारा अभियुक्त को दोषसिद्ध पाए जाने पर अभियुक्त  को पोक्सो एक्ट की धारा 6 के अपराध के लिए आजीवन कारावास एवं ₹5000 के अर्थदंड से दंडित किया है।