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आईपीएस, एचपीएस तथा गैर राजपत्रित पुलिस अधिकारियों की संपत्तियों की हो जांच

आईपीएस, एचपीएस तथा गैर राजपत्रित पुलिस अधिकारियों की संपत्तियों की हो जांच

सामाजिक कार्यकर्ता रजत कलसन ने हरियाणा के मुख्यमंत्री तथा पुलिस महानिदेशक से मांग की है कि राज्य में तैनात भारतीय पुलिस सेवा, हरियाणा पुलिस सेवा तथा हरियाणा पुलिस के गैर राजपत्रित पुलिस अधिकारियों की संपत्ति की जांच करायी जाये ।

कल्सन ने सीएम तथा पुलिस प्रमुख को लिखे एक पत्र में कहा है कि हरियाणा पुलिस के ऊपर हरियाणा के हर नागरिक की सुरक्षा की जिम्मेदारी है। इसके अतिरिक्त हरियाणा पुलिस का काम हरियाणा में हो रहे अपराधों पर रोकथाम लगाना है तथा अपराधों के पीडि़तों को न्याय दिलवाना भी है।

उन्होंने कहा कि अकसर यह देखा जाता है कि अपराध के ज्यादातर शिकार गरीब लोग, दलित या महिलाएं तथा अल्पसंख्यक ही होते हैं तथा पुलिस के बारे में अक्सर यही सुनने में आता है कि पुलिस के उच्च अधिकारी व जांच अधिकारी धनबल के प्रभाव में पीडि़त लोगों को न्याय दिलवाने के बजाय प्रभावशाली, रसूखदार और राजनीतिज्ञ तथा धनकुबेरों की मदद करने का काम करते हैं जिससे जनता में पुलिस की छवि खराब हुई है। पुलिस अधिकारी अपनी नौकरी के बहुत कम समय में ही धनकुबेर हो जाते हैं तथा शहरों में बड़े बड़े सैक्टरों में बड़ी-बड़ी कोठियां बना लेते हैं तथा उनके बच्चे बड़ी-बड़ी गाडिय़ां व महंगी बाइकों पर घूमते हैं। इन अधिकारियों ने दूसरों के नामों पर भी करोड़ों की बेनामी संपत्ति बनाई हुई है और पुलिस में भ्रष्टाचार अपने चरम पर है ।

उन्होंने कहा कि इससे हरियाणा सरकार तथा हरियाणा पुलिस की छवि दूसरे राज्यों में भी बदनाम हुई है। कलसन ने अपने पत्र में मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि हरियाणा में तैनात आईपीएस, एचपीएस व गैर राजपत्रित पुलिस अधिकारियों की संपत्ति, चल- अचल संपत्ति की जांच उच्च न्यायालय के मौजूदा जज से कराई जाए व दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों को उनकी नौकरी से बर्खास्त किया जाए तथा उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा दर्ज कर गैर कानूनी तरीके से अर्जित की गई संपत्ति को जप्त किया जाए। कलसन ने इस बारे में मुख्यमंत्री को उनके ट्विटर हैंडल पर ट्वीट कर भी कार्रवाई की मांग की है।