निगम आयुक्त और पार्षद के बीच तीखी झड़प, गंदा पेयजल और बढ़ता पीलिया का मामला, 105 तक पहुंचे पीलिया के मरीज

निगम आयुक्त और पार्षद के बीच तीखी झड़प, गंदा पेयजल और बढ़ता पीलिया का मामला, 105 तक पहुंचे पीलिया के मरीज

रायपुर. राजधानी में पीलिया के लगातार मरीज बढ़ते जा रहे हैं., सड्डू, चंगोराभाठा, महामाया पारा, चूडामणी वार्ड सहित मोवा इलाके में स्थिति सबसे ज्यादा नाजुक है। शनिवार शाम को भी एक पीलिया से संक्रमित लड़का पाया गया जिसे आठ प्रतिशत पीलिया होना बताया जा रहा है। पीलिया संक्रमित लड़का रायपुर के अश्वनी नगर का है।

पीलिया संक्रमित लड़के की जानकारी देते हुए सुन्दर नगर पार्षद मृत्युंजय दुबे ने पीलिया के बढ़ते मरीजों की संख्या को लेकर निगम कमिश्नर और महापौर पर गंभीर आरोप लगाया है। पार्षद ने कहा कि लॉक डाउन लगाने से पहले ही मैंने कहा था कि पानी सप्लाई की प्रमुख राइजिंग लाइन की जांच करवाएं लेकिन कमिश्नर पानी टंकियों की सफाई करवाने में व्यस्त रहे। पार्षद ने ये भी कहा कि लॉक डाउन लगने से पहले जब हम लोग चार मार्च को कमिश्नर से मिलने पहुंचे थे उस दौरान हमारी कई बातों को वो सुनने के लिए ही नहीं तैयार हो रहे थे। जिस पर कमिश्नर और पार्षद के बीच झड़प जैसा माहौल भी बन गया.  जिसके अगले ही दिन से रायपुर की कई टंकियों की सफाई करवाई गई, लेकिन निगम की सप्लाई वाले पानी में नालों से बदबूदार गंदे पानी के साथ कीड़े लगातार आ रहे हैं।

इस बात को और बल तब मिल गया जब महापौर एजाज ढेबर ने खुद ही बताया कि फिल्टर प्लांट में फिल्टर वेड, सेंटर लेयर जो होते थी उसकी सफाई काफी समय से नहीं हो पाई थी, साथ ही वहां पर काफी दिनों से जो रेत पड़ी हुई है वो सड़ गई है और वहां पर कीड़े पैदा हो रहे थे जो सप्लाई वाले पानी के साथ मिलकर नालो में जा रहे थे। महापौर ने भले ही जिम्मेदार अधिकारियों कार्रवाई करने की बात कही हो लेकिन सवाल ये उठता है की क्या पानी में कीड़े आने का यही मात्र एक कारण हो सकता है।

इस मुद्दे पर सुन्दर नगर के पार्षद से हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि महापौर की तानाशाही है कि किसी की सुनना ही नहीं है। हमने महीने भर पहले ही निगम कमिश्नर को बताया था कि फ़िल्टर प्लांट से शहर की पांच प्रमुख टंकियों को भरने के लिए जाने वाली राइजिंग लाइन को चेक करवाएं, ऐसा लगता है कि वहां पर गंदे नाली का पानी सप्लाई के पानी में मिल रहा है, लेकिन निगम में सब अपनी ही चला रहे हैं कोई किसी की सुनने को तैयार नहीं है।


1998 की बनी चार किलोमीटर लम्बी राइजिंग लाइन को बढ़ाने की आवश्यकता है क्योंकि उसके ऊपर गन्दा नाला बनाया गया है, उसी का पानी शायद प्रमुख सप्लाई के पानी में मिल रहा है, मैंने निगम कमिशनर और महापौर को कई बार आग्रह किया है लेकिन लॉक डाउन में शहर को सेनेटाइज करवाने के लावा इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। मृत्यंजय दुबे, पार्षद, सुन्दर नगर वार्ड.


एक हप्ते के भीतर शहर को शुद्ध पानी : एजाज ढेबर, महापौर

एक हप्ते के भीतर शहर में शुद्ध पानी की उपलब्धता हो जाएगी। शहर के सभी आठ जोनो में नाली के आस पास या नाली के भीतर से गुजरने वाली पाइप लाइन को बदलवाने क काम शुरू कर दिया गया है  साथ ही इसके बाद नई पाइप लाइन बिछाने का काम किया जाएगा। इसके आलावा खारुन में जहां से पानी को पम्प करके फ़िल्टर प्लांट पहुंचाया जाता है उस स्टाप डेम के पास शहर के दो बड़े नाले जा कर मिल रहे थे जिन्हें दुसरी तरफ डायवर्ट कर दिया गया है। इस पुरे काम को पूरा होने के कम से कम  एक सप्ताह का समय लगेगा। एजाज ढेबर महापौर नगर निगम रायपुर