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आइएएस सोनमणि बोरा भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग में संयुक्त सचिव बने..आज जारी हुआ आदेश..महीनों से था इंतजार..दोनों मुख्यमंत्रियों के खास रहे बोरा..बतौर श्रम सचिव पहले लाकडाउन में किया सराहनीय कार्य

आइएएस सोनमणि बोरा भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग में संयुक्त सचिव बने..आज जारी हुआ आदेश..महीनों से था इंतजार..दोनों मुख्यमंत्रियों के खास रहे बोरा..बतौर श्रम सचिव पहले लाकडाउन में किया सराहनीय कार्य

जनधारा समाचार
रायपुर. केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर नई दिल्ली जाने का इंतजार कर रहे 1999 बैच के आइएएस सोनमणि बोरा का महीनों का इंतजार अंतत: खत्म हो गया. आज ही जारी हुए आदेश में उन्हें भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग में संयुक्त सचिव बनाया गया है.


अप्वाइंटमेंट कमिटी आफ द केबिनेट एण्ड स्टेबलाइसमेंट के सचिव श्रीनिवास आर द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार कुल 20 आइएएस को संयुक्त सचिव सहित कई पदों पर बिठाया गया है. इनमें से बोरा को भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग में संयुक्त सचिव बनाया गया है. इस आशय का आदेश आज जारी कर दिया गया.

जानते चलें कि छह महीने पहले ही राज्य सरकार ने आइएएस सोनमणि बोरा की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति् को हरी झंडी दे दी थी. इसके बाद बोरा नई पोस्टिंग का इंतजार कर रहे थे लेकिन कोविड19, लॉकडाउन सहित अन्य विभागीय कारणों से मामला लेट होता गया लेकिन आज बोरा का इंतजार खत्म हो गया. जारी आदेश में 20 आइएएस और अन्य संवर्ग के अधिकारियों को विभागों का आबंटन कर दिया गया है.

श्री बोरा ने अपनी यह खुशी सोशल मीडिया में शेयर करते हुए कहा कि नई दिल्ली राजधानी में छात्र वर्षों की प्यारी यादें ताजा हो गई हैं. आईएएस में चयन, यूपीएससी परीक्षा, जेएनयू की पढाई, डीयू कैम्पस सहित वरिष्ठों का आर्शीवाद जैसी कई यादें अब ताजा हो जाएंगी.

सोनमणि बोरा प्रदेश के ऐसे आइएएस के तौर पर पहचाने जाते हैं जिन्होंने कई विभागों में अपनी सेवाएं दीं. वे राजधानी नगर निगम में कमिश्नर रहे..कई जगहों पर कलेक्टर रहे, कई विभागों में सचिव और राज्यपाल के सचिव भी रहे तथा अपनी मिलनसारिता, ईमानदारिता, कुशलता और ​परिणामदायी कार्यप्रणाली के चलते लोगों के दिलों में जगह बनाए हुए हैं. यही वजह रही कि  पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमनसिंह रहे हों या वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, सोनमणि बोरा दोनों सरकारों में फिट रहे इसीलिए जब उन्होंने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की इच्छा जताई तो सीएम बघेल ने तुरंत हरी झण्डी दे दी. उनकी पत्नी दार्शनिता बोरा इंडियन रेल्वे सर्विस में हैं और रायपुर में ही एडीआरएम के तौर पर पदस्थ हैं.

बतौर श्रम सचिव पहले लाकडाउन में किया सराहनीय कार्य

सोनमणि बोरा जब श्रम विभाग के सचिव बने तभी पहला लाकडाउन लगा. उसके बाद उन्होंने अपनी टीम के साथ राज्य के मजदूरों के लिए, प्रवासी नागरिकों के लिए, दूसरे राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के नागरिकों की खासी मदद करवाई और उनकी सकुशल अपने घर वापसी भी करवाई. इसके लिए राज्यपाल और मुख्यमंत्री दोनों ने ही उनके कार्यों को सराहा था.

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