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‘नीट‘ परीक्षा में कोण्डागांव जिले के होनहारों ने फहराया परचम

 ‘नीट‘ परीक्षा में कोण्डागांव जिले के होनहारों ने फहराया परचम

कोण्डागांव।  जिला प्रशासन के सौजन्य से प्रारंभ हुए निःशुल्क कोचिंग संस्थान लक्ष्य (नीट-आईआईटी) आवासीय प्रशिक्षण केन्द्र अब इस परीक्षा में शामिल होने वाले ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के विद्यार्थियों की सफलता में अहम भूमिका निभा रहा है। इस क्रम में वर्ष 2019-20 में आयोजित नीट परीक्षा में इस केन्द्र में अध्ययनरत् 27 छात्र-छात्राओं ने क्वॉलीफाई कर अपनी सफलता दर्ज कराई है। ज्ञात हो कि बीते दो वर्षो में इस संस्थान के माध्यम से इन प्रतिष्ठित परीक्षाओं में शामिल होने हेतु बेहतर मार्गदर्शन एवं परीक्षा पूर्व तैयारी हेतु कक्षाएं प्रारंभ की गई है। इसके लिए प्रदेश के अन्य बड़े शहरों में संचालित कोचिंग संस्थानों के विषय विशेषज्ञ, शिक्षकों की मदद ली जाती है। चूंकि इन परीक्षाओं में बैठने एवं अच्छे प्रदर्शन के लिए आधारभूत तैयारी, पठन-पाठन सामग्रियों की उपलब्धता, योजनाबद्ध पढ़ाई बेहद मायने रखती है और कई बार इसके अभाव में प्रतिभाशाली छात्र भी पीछे रह जाते हैं। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन द्वारा उत्कृष्ट कोचिंग के माध्यम से जिले के दूरस्थ क्षेत्रों के होनहार छात्रों के लिए निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण केन्द्र की सुविधा मुहैया कराई गई।

    इस संबंध में कार्यालय आदिवासी विकास द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार इस वर्ष इस आवासीय प्रशिक्षण केन्द्र में 40 छात्र एवं 23 छात्राओं सहित कुल 63 विद्यार्थियों को नीट/आईआईटी परीक्षाओं के लिए कोचिंग दिया गया था। जिसमें 20 छात्र और 07 छात्राओं सहित 27 विद्यार्थियों ने परीक्षा हेतु क्वॉलीफाई किया है। दूरभाष पर चर्चा के दौरान इस परीक्षा में क्वॉलीफाई कर चुके फरसगांव निवासी छात्र हेमन्त हिड़को ने बताया कि इस परीक्षा हेतु यह उनका दूसरा प्रयास था। पिछले वर्ष उन्हें रसायन और भौतिकी विषयों की पढ़ाई में काफी दिक्कतें आई थी परन्तु इस वर्ष कोचिंग संस्थान के शिक्षकों की सहायता से उनकी यह समस्या दूर हुई और उन्हें एसटी वर्ग में 437 प्राप्तांक मिले। उन्होंने यह भी उम्मीद जताया कि इस प्रदर्शन के आधार पर उन्हें संभवतः एमबीबीएस में दाखिला मिल सकेगा। इसी तरह मुख्यालय निवासी एक अन्य छात्र अक्षय राजपुत (कुल प्राप्तांक 545) ने भी अपने विचार साझा करते हुए बताया कि परीक्षा हेतु उनका यह तीसरा प्रयास था और इस कोचिंग के माध्यम से उन्हें स्वयं को इम्प्रूव करने में मदद मिली। विषय विशेषज्ञों की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि कक्षाएं समाप्त होने के पश्चात् भी सभी शिक्षक पढ़ाई संबंधी जिज्ञासाओं को सुलझाने में विशेष रूचि रखते थे। उनका मानना है कि ऐसे संस्थान निर्धन एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए बेहद उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। इसी प्रकार विकासखण्ड माकड़ी अंतर्गत ग्राम बरकई निवासी धनेश्वर नेताम (कुल प्राप्तांक 286), ग्राम टेलकाबोड के विकास मटीयारा (कुल प्राप्तांक 441), पूर्वी बोरगांव निवासी कुमारी मनीषा साहू (कुल प्राप्तांक 387), लिलेश देहारी (कुल प्राप्तांक 362), ग्राम भाटपाल की शिवानी कश्यप (कुल प्राप्तांक 315) का भी मानना है कि जिला प्रशासन द्वारा प्रारंभ किये गये इस निःशुल्क परीक्षा केन्द्र के माध्यम से उनकी परीक्षा की तैयारी बेहतर हुई है साथ ही इस दौरान अन्य जिला अधिकारियों द्वारा उनकी कक्षाएं लेकर उन्हें मोटिवेट किया गया जिसका लाभ उन्हें मिला और वे सफल हुए। यह बताना जरूरी है कि वर्ष 2018-19 में इस केन्द्र के माध्यम से नीट परीक्षा में 3 छात्रों का एमबीएस, दंत चिकित्सा एवं पशुचिकित्सा 1-1 तथा 7 विद्यार्थी का चयन नर्सिंग क्षेत्र में इसके अलावा एक अन्य छात्र विष्णु देवागन एनआईटी के लिए भी चयनित हुआ था और तो और इसी वर्ष इस केन्द्र में एक निर्धन ग्रामीण परिवार से आने वाले अध्ययनरत छात्र लिलेश महला ने अपने प्रथम प्रयास में ही नीट परीक्षा के तहत् एनआईटी (इलेक्ट्रिकल संकाय) में प्रवेश लिया है जिसके फीस संबंधी आर्थिक दिक्कतों को देखते हुए कलेक्टर श्री पुष्पेन्द्र कुमार मीणा ने तत्काल 35 हजार रूपये की राशि स्वीकृत की है। अंततः यही कहना उचित होगा कि जिला कोण्डागांव अंतर्गत संचालित लक्ष्य आवासीय प्रशिक्षण केन्द्र स्थानीय प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं के लिए एक वरदान साबित हुआ है। खास तौर पर ऐसे छात्र जो बड़े शहरों के महंगे कोचिंग संस्थानों का खर्च वहन नहीं कर सकते उन्हें मुख्यालय में ही उच्च स्तरीय अध्ययन-अध्यापन की सुविधा और माहौल देकर जिला प्रशासन ने एक सार्थक पहल करके उनके उज्जवल भविष्य का मार्ग प्रशस्त किया है।