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खुशखबरी : मेकाहारा में हो सकेगा हदय का वाल्व रिप्लेसमेंट, पहला ट्रांस कैथिटर एरोटिक वाल्व रिप्लेसमेंट आपरेशन सफल, डाॅ. स्मित श्रीवास्तव और टीम को स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने दी बधाई

खुशखबरी : मेकाहारा में हो सकेगा हदय का वाल्व रिप्लेसमेंट, पहला ट्रांस कैथिटर एरोटिक वाल्व रिप्लेसमेंट आपरेशन सफल, डाॅ. स्मित श्रीवास्तव और टीम को स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने दी बधाई

रायपुर. डाॅ. भीमराव अम्बेडकर सरकारी अस्पताल मेहाहारा में आज का दिन नई सफलता के नाम रहा. हदय रोग विशेषज्ञ डाॅ.स्मित श्रीवास्तव और उनकी टीम ने राज्य का पहला ट्रांस कैथिटर एरोटिक वाल्व रिप्लेसमेंट आपरेशन सफल किया. यह सुविधा देश के सिर्फ सात सरकारी अस्पतालों में है लेकिन अब मेकाहारा में भी उपलब्ध हो सकेगी. स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने टिवट करके डाॅक्टरों की टीम को बधाई दी है.

जानते चलें कि अभी तक मेकहारा में हदय रोग के लिए एंजियोप्लास्टी और बाईपास आॅपरेशन की सुविधा ही है लेकिन वाल्व रिप्लेसमेंट के लिए मरीज को दूसरे राज्य या विदेशों में जाना होता था. जिसमें 25 लाख तक का खर्चा आता था. निजी अस्पतालों में भी यह सुविधा बहुत कम जगह हैं. सरकारी स्तर पर सिर्फ देश के सात अस्पतालों में ही वाल्व रिप्लेसमेंट की सुविधा है लेकिन आज रायगढ़ के एक 70 वर्षीय ग्रामीण के सफल आपरेशन के बाद यह तय हो गया है कि वाल्व रिप्लेसमेंट मेकाहारा में भी निःशुल्क किया जा सकेगा.


स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव
ने एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट मेकाहारा की टीम को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने डॉ खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत इसे सरकारी अस्पताल में मुफ्त उपलब्ध कराया है. यह प्रक्रिया 10 माह के शिशु से लेकर 104 वर्ष के वृद्ध तक के लिए सुरक्षित है. यानि वाल्व रिप्लेसमेंट की समस्या इस उम्र तक के लोगों को जरूरत पड़ सकती है.

हदय रोग विभागाध्यक्ष डाॅ.स्मित श्रीवास्तव और उनकी टीम ने आज यह आपरेशन सफल कर दिखाया. उन्होंने बताया कि डाॅ. श्रीवास्तव ने बताया कि रायगढ़ के पास के छोटे से गाँव का 70 वर्षीय मरीज सांस की तकलीफ से पीड़ित था. जांच करने पर पाया कि उन्हें महाधमनी बाइसेपिड वाल्व है, लेकिन तब तक उनका दिल गंभीर रूप से खराब हो गया था, क्योंकि गंभीर महाधमनी वाल्व स्टेनोसिस था. कार्डिएक सर्जन ने ऐसे रोग ग्रस्त हृदय में ऑपरेशन करने से इनकार कर दिया. रोगी को ट्रांसकाथिएटर एओर्टिक वाल्व रिप्लेसमेंट के तहत जाने के लिए मूल्यांकन किया गया था. संज्ञाहरण के बिना और छाती पर किसी भी चीरा के बिना, ट्रांसक्यूटेनस महाधमनी वाल्व जांघ की धमनी के माध्यम से डाला गया था. भारत में केवल 30 केंद्र चल रहे हैं, जहां यह आपरेशन होते हैं.

इस पूरे आपरेशन प्रक्रिया के दौरान मेडिकल कॉलेज रायपुर के डीन- डॉ प्रोफेसर विष्णु दत्त और अधीक्षक डॉ विनित जैन, कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ स्मित श्रीवास्तव के साथ डॉ जोगेश, डॉ सुलभ, डॉ संदीप नाग, डॉ शिवांगी आदि शामिल थी. सभी ने मिलकर यह आपरेशन सफल कर दिखाया.

क्या है ट्रांस कैथिटर एरोटिक वाल्व रिप्लेसमेंट
हृदय शरीर का महत्वपूर्ण अंग है जो पूरे शरीर में रक्त को पंप करता है और अपशिष्ट मेटाबॉलिट्स को बाहर करता है। दिल में 4 कक्ष होते हैं 2 ऊपरी ऐट्रीअम और 2 निचले वेन्ट्रकल। अलिंद (ऐट्रीअम) और निलय (वेन्ट्रकल) वाल्वों के माध्यम से अलग किए जाते हैं, जो अप्रत्यक्ष रक्त प्रवाह प्रदान करते हैं। हृदय का मुख्य उद्देश्य रक्त का ऑक्सीकरण है। बाएं वेंट्रिकल महाधमनी (एरोटा) में खुलता है जो शरीर को अन्य धमनियों के माध्यम से ऑक्सीजन युक्त रक्त की आपूर्ति करता है। बाएं वेंट्रिकल और महाधमनी (एरोटा) एक एरोटिक वाल्व के माध्यम से अलग है। कभी-कभी हृदय वाल्व के काम करने में समस्याएं होती हैं, जिससे रक्त की आपूर्ति के लिए दिल को मिलाया जाता है ताकि समान आपूर्ति हो सके। वाल्व रिप्लेसमेंट गंभीर वाल्व रोगों का इलाज करता है और हृदय की कार्यक्षमता को पटरी पर लाता है।