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महिलाओं का रोजगार छीनकर कांग्रेस सरकार ने दिया महिला विरोधी होने का प्रमाण

महिलाओं का रोजगार छीनकर कांग्रेस सरकार ने दिया महिला विरोधी होने का प्रमाण

बीजापुर - रेडी-टू-ईट कार्य महिलाओं से सरकार छीन रही है,इसे लेकर पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने सरकार पर निशाना साधा है।

         प्रेस को जारी वक्तव्य में पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने कहा है जिस प्रकार का सपना कांग्रेस ने महिलाओं सपना दिखाया था, आज ठीक विपरीत गिरगिट की तरह रंग बदल रही है,और ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने महिलाओं का रोजगार छीन रही है।

कांग्रेस सरकार ने 22 नवम्बर को मंत्री परिषद में फैसला लिया है आने वाले फरवरी 2022 से महिला समूहों से रेडी-टू-ईट का कार्य छीन रही है। इसे छीनकर राज्य बीज निगम को दे रही है अर्थात सरकार की मंशा स्पष्ट है प्रदेश और बस्तर की महिलाएं सशक्त न बने,जबकि भाजपा की सरकार ने महिलाओं को आर्थिक-सामाजिक रूप से मजबूत करना चाहती थी इसलिए समूह के माध्यम से रेडी-टू-ईट का कार्य दिया था।

लेकिन कांग्रेस सरकार को प्रदेश के महिलाओं की चिंता नही है उन्हें अपनी मुनाफे की जुगत है इसलिए निगम के माध्यम से फायदा उठाना चाहती है, इसलिये महिलाओं के जीविका की चिंता किये बगैर ये फैसला लिया है।

 गागड़ा ने आगे कहा कि बस्तर की महिलाएं स्वरोजगार से मुनाफा कमा रही थी सिर्फ बस्तर में ही रेडी-टू-ईट कार्य से सालाना 12 करोड़ का कारोबार करता था यही बात मुख्यमंत्री और कांग्रेस को हजम नही हुआ कांग्रेस नही चाहती है की बस्तर की बेटियां सशक्त हो। इस कृत्य से यह स्पष्ट होता है कांग्रेस सरकार महिला विरोधी है इसमे कोई दोमतता नही है।

        वहीं गागड़ा ने सरकार के रेडी-टू-ईट महिलाओं से छिनने के तर्क पर सवाल किया है, अगर सरकार पोषण आहार में क्वालिटी लाना चाहती है,तो फिर क्यों विशेषज्ञों के रिपोर्ट को झुठलाकर दरकिनार किया? जबकि विशेषज्ञ कह रहे हैं महिलाओं द्वारा बनाये जा रहे रेडी-टू-ईट क्वालिटी में अब तक कोई गिरावट नही आई है, बावजूद क्वालिटी के बहाने सरकार ने महिलाओं को बेरोजगारी की राह में लाकर खड़ा किया है।