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गांधी जी की दांड़ी यात्रा की तरह विशाल mass movement 12 अप्रेल को जगदलपुर में हुआ समापन

गांधी जी की  दांड़ी यात्रा की तरह विशाल  mass movement  12 अप्रेल को जगदलपुर में  हुआ समापन

जगदलपुर ।  रेल सुविधाओं को दिलाने और दिल्ली राजहार रेल लाईन के विस्तार को लेकर नारायणपुर के अंतागढ़ से 3 अप्रेल को इस जन आंदोलन की शुरूआत हुई थी। जिसमें समाज 73 संगठनों ने समर्थन दिया था। 


इस आदोलन की खास बात यह रही है कि इसमें आंदोलनकारी पैदल अंतगाढ़ से निकले और बीहड़ नक्सली इलाकों से होते हुए अपनी मांगों के समर्थन में नारे बाजी करते निकले। और 176 किमी की पदयात्रा की यह गांधी जी की  दांड़ी यात्रा की तरह लगता था। क्योंकि जहाँ-जहाँ इस पदयात्रा का पड़ाव आता गया वहां पर स्थानीय लोगों ने भरपूर स्वागत किया और मांगों का पूरजोर समर्थन किया । समाजसेवी संपत झा बताते हैं कि शहीद कुलेन्द्र सिंह के स्मारक से पुष्पांजली आरम्भ हुई पदयात्रा जब नारायणपुर पहुँची तो गढ़बेगाल के काष्ठकारों ने अभूतपूर्व स्वागत किया ।

तो देवगांव में घोटुल के युवाओं ने स्वागत किया । चेम्बर आफ कामर्स के अध्यक्ष मनीष शर्मा इसे जनआंदोलन बताते हैं वे कहते है। कि इस आंदोलन में आम जनता के हित जुड़े है। 

इस आंदोलन में 2 लाख 70 हजार का विषाल जनसमूह जुड़ा है जिसमेें  समाज के सभी वर्गों के लोग शामिल हैं । पूर्व चेंबर अध्यक्ष किषोर पारख बताते हैं । यह पदयात्रा बीहड़ जगलों से होते हुई निकली। ये जगहें नक्सलियों के गढ़ भी माने जाते हैं।

इन जगहों पर तैनात जवानों ने पदयात्रियों का भरपूर हौसला बढ़ाया साथ ग्रामीणों ने भी इस आंदोलन में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। पदयात्रियों के जल-पान की व्यवस्था कुछ जगहों पर जवानों ने की तो कुछ जगहों पर लोग स्वर्स्फूत आए। 

दिल्लीराजहरा रेल लाईन के विस्तार और अन्य रेल सुविधाओं की मांग को लेकर इतना बड़ा विषाल जन आंदोलन बस्तर संभाग में पहली बार हो रहा है। जिसमें समाज के हर वर्ग के लोग शामिल हैं ।

ज्ञात हो कि 140 किमी की रेललाईन का विस्तार कई वर्षों से लटका हुआ है। इसी बात के मद्देनजर आंदोलनकारियों ने रेल विभाग को चेताने की गरज से यह पदयात्रा शुरू की है। रोज 25 किमी की पदयात्रा एक कार्यक्रम के तहत की जाती है। पदयात्री पूरी यात्रा के दौरान शांति पूर्ण पैदल मार्च करते हुए लोगों से समर्थन की अपील करते दिखे। 


विरान सड़कों से गुजरते, नक्सली इलाकों से गुजरते ये पदयात्री 12 अप्रेल को जगदलपुर पहुँचे जहां इनका भरपूर स्वागत किया । पदयात्री सीधे  दन्तेश्वरी मंदिर गए और पूजा अर्चना की और अपनी पदयात्रा की सफलता के लिए मां से प्रार्थना की ।

पूजा के बाद वरिष्ठ पदयात्रियों ने एक आम सभा को संबोधित कर इस पदयात्रा के महत्व के बारे में बताया । इस तरह 3 अप्रेल से आरम्भ हुआ रेल-पदयात्रा आज 12 अप्रेल को समाप्त हुआ। वरिष्ठ पदयात्रियों के मुताबिक कुछ दिन शासन की प्रतिक्रिया की वे प्रतीक्षा करेंगें। 

इसके बाद आगे की रणनीति तय होगी। फिलहाल दो जिलों नारायणपुर,कोण्डागांव और जगदलपुर के 72 गांवों को पार कर आंदोलनकारी 12 अप्रेल को जगदलपुर आ चुके हैं । उनका अभूतपूर्व स्वागत किया गया।