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न सड़क न ही कोई नदी-नाला फिर भी जंगल के बीच में बना दिया पुल

न सड़क न ही कोई नदी-नाला फिर भी जंगल के बीच में बना दिया पुल

हेमंत संचेती/नारायणपुर। नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ में किस कदर शासकीय राशि का द्रुप्रयोग कर ग्राम पंचायत द्वारा बंदरबाट किया जा रहा है इसका नजारा कंदाडी ग्राम पंचायत में देखने को मिला। जहां जंगल के बीच खुले मैदान में लगभग 10 लाख रुपये लागत की पुलिया का निर्माण कराया गया है, जहां से न ही कोई सड़क गुजरती , न ही ग्रामीणों का आना जाना होता है और न ही वहां किसी प्रकार के नदी नाले का बहाव है। 

जबकि गांव के अंदर जहा पुलिया की जरूरत थी जहा से रोजाना ग्रामीणों , स्कूली बच्चों का आना जाना होता है, वहां पुलिया का निर्माण ना कराके खुले मैदान में पुलिया का निर्माण करना भृष्टाचार की तरफ इशारा कर रहा है वही जनपद पंचायत अबूझमाड़ ओरछा के सीईओ ग्राम पंचायत द्वारा किये गए इस कारनामे पर गोलमोल जवाब देते हुए नक्सलियो द्वारा उक्त मार्ग पर सड़क निर्माण कार्य नही करने की  चेतवानी के बाद पुलिया निर्माण के बाद सड़क निर्माण कार्य नही होने की बात कही गई जो नक्सली भय के नाम पर भर्ष्टाचार और लापरवाही पर पर्दा डालता नजर आ रहा है।


ज्ञात हो कि नारायणपुर जिला मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर दूर अबूझमाड़ के ग्राम पंचायत कंदाडी में जंगल के बीचों बीच जहा ना ही सड़क है और ना ही नदी-नाले है वहा पर लगभग 10 लाख रुपये की लागत की आरसीसी पुलिया का निर्माण कर बंदरबाट किया गया जबकि ग्राम पंचायत कंदाडी के गांव के अंदर से गुजरने वाली सड़क पर पुलिया की जरूरत है वहा पर पुलिया का निर्माण ना कराके जंगल के बीच मे पुलिया का निर्माण करना भृष्टाचार को उजागर कर रहा है । अब ये पुलिया ग्रामीणों के चलने के काम तो नही आ रहा है पर अब ग्रामीणों के वनोपज सुखाने के काम में जरूर आ रहा है। 

ग्रामीणों का कहना है कि गांव के अंदर ग्राम पंचायत जाने वाले रास्ते पर नाला पड़ता है वहा पर पुलिया की जरूरत थी लेकिन वहां पर पुलिया का निर्माण तो नही कराया गया है कई बार पंचायत के सचिव सरपंच से मांग की गई लेकिन हमारी मांगो पर कोई ध्यान नही दिया गया है जहां पर सड़क का निर्माण तक नही किया गया और जहा से हमारी आवाजाही तक नही होती वहां पर पुलिया का निर्माण करा दिया गया है । गांव के अंदर में जरूरी जगह पर अगर पुलिया बन जाती तो बारिश के दिनों में बच्चों को स्कूल , महिला व पुरुषों को पंचायत में जाने में दिक्कत होती है उस परेशानी को दूर नही किया।


वही इस पूरे मामले पर जनपद पंचायत ओरछा के सीईओ रोमांचल यादव ग्राम पंचायत के कारनामो पर पर्दा डालते हुए ग्राम पंचायत कंदाडी द्वारा सड़क निर्माण का प्रस्ताव दिया गया था इसलिए पहले पुलिया का निर्माण किया गया और पुलिया निर्माण के बाद नक्सलियो द्वारा सड़क निर्माण कार्य नही कराये जाने की चेतावनी के बाद सड़क निर्माण नही किये जाने की बात कही जो अबूझमाड़ में नक्सलियो के भय के नाम पर किये जा रहे खेल की तरफ इशारा करता नजर आ रहा है।