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कांग्रेस नेता ने अपनी ही सरकार को घेरा, 'इंदिरा बैंक के खातेदारों को न्याय दिलाने की मांग की' चिटफंड के जमाकर्ताओं की तरह बैंक के जमाकर्ताओं को भी डूबी रकम वापस मिले

कांग्रेस नेता ने अपनी ही सरकार को घेरा, 'इंदिरा बैंक के खातेदारों को न्याय दिलाने की मांग की' चिटफंड के जमाकर्ताओं की तरह बैंक के जमाकर्ताओं को भी डूबी रकम वापस मिले

रायपुर. इंदिरा बैंक संघर्ष समिति के कन्हैया अग्रवाल, शिव सोनी, शैलेश श्रीवास्तव, पुरुषोत्तम शर्मा और सुरेश जैन ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से इंदिरा बैंक के खातेदारों का बकाया भुगतान दिलाने के साथ बैंक डूबाने के जिम्मेदारों और उनके संरक्षण कर्ताओं को सजा दिलाने की मांग की है।
     
बैंक के खातेदारों ने इंदिरा बैंक को डिफॉल्ट करने की 15 वीं बरसी पर देश की पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न ,प्रियदर्शनी इंदिरा जी के नाम पर स्थापित की गई बैंक को पुनः प्रारंभ करवाने के साथ ही खातेदारों की जमा राशि का भुगतान करवाने की माँग की है । खातेदारों ने कहा कि सरकार यदि चिटफंड कंपनी की संपत्ति बेचने का आदेश देकर जमा कर्ताओं का भुगतान करवा रही हैं तो इंदिरा बैंक के साजिशकर्ताओं की संपत्ति बेचकर खातेदारों का भुगतान क्यों नहीं किया जा सकता ?

इंदिरा बैंक संघर्ष समिति ने बैंक के गुनाहगारों को बचाने करोड़ों रुपए लेने वाले तत्कालीन मंत्रियों और अफसरों के खिलाफ नारको टेस्ट के आधार पर कार्रवाई नहीं किए जाने पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जनता के प्रतिनिधि ही षड्यंत्र कर्ताओं के साथ हो गए हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई से खातेदारों को न्याय की आस जागेगी।

ज्ञात हो कि बैंक के तत्कालीन मैनेजर उमेश सिन्हा ने नारको टेस्ट के दौरान बैंक के मामले को रफा-दफा करने तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह, मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, राजेश मूणत ,रामविचार नेताम और अमर अग्रवाल को एक-एक करोड़ रुपए देने की बात कबूली थी।