कनाडा में कोरोना : आंखों देखा हाल बता रहे हैं कनाडा के प्रख्यात ब्लॉगर तथा आईटीयन टॉड टर्टल, आश्चर्य कि टर्टल ने यह ब्लॉग हिंदी में खुद लिखा है!

कनाडा में कोरोना : आंखों देखा हाल बता रहे हैं कनाडा के प्रख्यात ब्लॉगर तथा आईटीयन टॉड टर्टल, आश्चर्य कि टर्टल ने यह ब्लॉग हिंदी में खुद लिखा है!

कोरोना.काल से कनाडा भी इन दिनों लॉकडाउन है. इस देश के निवासी, प्रख्यात ब्लॉगर तथा आईटीयन टॉड टर्टल ने हमारे पाठकों के लिए आंखों देखा हाल भेजा है. जानिए कि कनाडा सरकार अपने नागरिकों को कोरोना.काल से कैसे उबार रही है! बड़ा आश्चर्य यह कि टॉड ने यह ब्लॉग हिंदी में लिखा है. वे हिंदी के दीवाने हैं.


  • टॉड टर्टल, कनाडा से

जनवरी में हमारे यहाँ सभी लोग सोचते थे कि कोरोना दूसरे देशों में फैला हुआ है| कनाडा में नहीं फैलेगा| कुछ समय बाद हम लोग आश्चर्यचकित थे क्योंकि 15 जनवरी को एक आदमी कोरोना वायरस से ग्रसित था| जब भी हमने सोचा कि कोई बात नहीं, यह उतना गंभीर नही होगा, तभी हर रोज नए केसेस आने शुरू हो गए| अभी टोरंटो में कोरोना के 1301 केसेस हैं और 32 लोगों की जान जा चुकी है| 

हमारे प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि स्थिति बहुत गंभीर है और 16 मार्च को हमारे देश का बार्डर बंद कर दिया गया| दूसरे दिन से  सिर्फ जरूरी दुकानें और ऑफिस खुली और सभी लोगों को घर में रहना पड़ा| यह लॉकडाउन कब तक रहेगा और स्थिति कब सामान्य होगी ?यह कहना संभव नहीं, परन्तु हमारे टोरंटो के स्वास्थ्य अधिकारी कहती हैं. यदि सबकुछ सही हुआ तो शायद लॉकडाउन दो महीने और चलेगा| यदि हम लॉक डाउन का पालन सही तरह से नहीं करते हैं तो इसे कुछ समय और बढ़ाना पड़ेगा| 

लगभग तीन हफ्ते पहले हमारे देश, हमारे राज्य और हमारे शहर में आपातकाल लागू हो गया| उसके बाद बहुत सी चीज़ें बदली| पाठशाला, भोजनालय, पुस्तकालय, सरकारी इमारतें और कुछ दुकानें बंद कर दिए गए| अधिकतर मिडिल क्लास परिवारों के लिए यह ठीक ही था परन्तु ज़रूरतमंद लोगो को बहुत परेशानी हो रही हैं| कुछ लोग बेरोज़गार हैं और कुछ की नौकरियाँ छुट चुकीं है | बेघर लोगों के सामने एक बहुत बड़ी समस्या खड़ी हो गई है | मौसम बहुत ठंडा है और सब कुछ बंद है इसलिए वे किसी गर्म स्थान पर नहीं जा सकते| यहाँ तक की ये लोग शौचालय भी नहीं जा सकते| रात में कुछ लोग मदद के लिए बने शेल्टर (अस्थाई होस्टल की तरह) में सोने जाते हैं.