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प्रियंका का नाम लेते ही भड़क गए अखिलेश, कहा सबसे ज्यादा संघर्ष समाजवादियों ने किया और लाठियां भी खाई

प्रियंका का नाम लेते ही भड़क गए अखिलेश, कहा सबसे ज्यादा संघर्ष समाजवादियों ने किया और लाठियां भी खाई

लखनऊ। यूपी के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासी का दौर जारी।  सभी पार्टियां सियासी दांव -पेच में लिप्त है। इस पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव से  प्रियंका को लेकर सवाल पूछा गया तो भड़क गए. उन्होंने कहा कि प्रियंका तो कमरे में बंद थीं, वो हमारा संघर्ष नहीं देख पाईं.

लखीमपुर में हुई हिंसा के अगले ही दिन प्रियंका गांधी को तड़के हरगांव के पास हिरासत में ले लिया गया था और उसी दिन यानी सोमवार को अखिलेश यादव को भी हिरासत में ले लिया गया था. प्रियंका को सीतापुर के गेस्ट हाउस में रखा गया था. वहां से उनका एक झाड़ू लगाते हुए वीडियो सामने आया था. 

सीतापुर में हिरासत में लिए जाने के बाद प्रियंका गांधी ने कहा था कि समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी मैदान में संघर्ष करती नहीं दिखतीं. इस बारे में जब अखिलेश से सवाल किया गया तो उन्होंने भड़कते हुए कहा, 'वो कमरे में बंद थीं, नहीं पता होगा उनको. सबसे ज्यादा संघर्ष समाजवादियों ने किया है. सबसे ज्यादा लाठी समाजवादियों को पड़े हैं. इसलिए किसी को टिप्पणी करने की जरूरत नहीं है कि कौन क्या कर रहा है. 

झाड़ू लगाते हुए वीडियो को लेकर जब अखिलेश से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, 'इस पर कोई बहस नहीं है. सबको गिरफ्तार किया गया. किसी को कहीं रखा गया, जहां पुलिस ही नहीं थी. हमें ले जाया गया कि यही आपकी जेल है.' 

प्रियंका गांधी को लेकर राहुल गांधी ने बोला था कि ये किसी महिला के साथ ठीक बर्ताव नहीं था. इस पर अखिलेश ने कहा, 'बीजेपी का यही तरीका है काम करने का. हाथरस की बेटी हो या कहीं की भी कन्या की बात हो.' 

उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर में हत्या होती है. 6 पुलिसवाले जाते हैं. एक व्यापारी को पीटते हैं. पीटते-पीटते उनकी जान चली जाती है. अभी भी पुलिस के लोग फरार हैं. महोबा में एक ब्राह्मण कारोबारी था, उसकी हत्या हो गई. अखिलेश ने आगे कहा, 'अगर गृह राज्यमंत्री होंगे. उनके बेटे ने अपराध किया होगा, तो कौन पकड़ेगा? इसलिए सरकार गृह राज्यमंत्री को बचाना चाहती है. उनके परिवार को बचाना चाहती है, ताकि सच्चाई बाहर न आ जाए.'