IAS राजेश राणा ने मंत्री, सचिव के आदेश को दिखाया ठेंगा, बिलासा के सस्पेण्ड कर्मचारी को बचा रहे एमडी, आदेश जारी होने के 15 दिन बाद भी नही हुई कार्यवाही

IAS राजेश राणा ने मंत्री, सचिव के आदेश को दिखाया ठेंगा, बिलासा के सस्पेण्ड कर्मचारी को बचा रहे एमडी, आदेश जारी होने के 15 दिन बाद भी नही हुई कार्यवाही

चमन प्रकाश केयर

रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन संघ के प्रबंध संचालक, आइएएस राजेश राणा पर अपने अधीनस्थ कर्मचारी रामकिशुन देवांगन को बचाने का आरोप लगा है. इसकी गंभीरता देखिए कि राणा ने पहले विभागीय मंत्री रूद्र गुरू के निलंबन आदेश और फिर प्रमुख सचिव आइएएस डॉ. मनिंदर कौर द्विवेदी का कर्मचारी को निलंबित करने का लिखित आदेश भी दरकिनार कर दिया है. इस संवाददाता को मिले दस्तावेज इसकी पुष्टि करते हैं.

आरोप है कि बिलासा शो रूम में पदस्थ कर्मचारी रामकिशुन देवांगन को ग्रामोद्योग मंत्री गुरु रूद्रकुमार ने तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया था जिसे पंद्रह दिन से अधिक हो गया लेकिन देवांगन की पहुंच और एमडी के वरदहस्त के चलते वह बचा हुआ है. देवांगन को हाथकरघा विकास एवं विपणन संघ के अध्यक्ष मोतीलाल देवांगन का करीबी बताया जाता है साथ ही एमडी का भी संरक्षण हासिल है. चंद दिनों पहले ही महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं ने अपने एक शिकायती पत्र में आरोप लगाया था कि लिपिक रामकिशुन देवांगन पेंट, ट्यूनिक सिलाई का कार्य देने के बजाय उनसे रिश्वत की मांग करता है जो रिश्वत नही देता, उसे कार्यादेश नही मिलता. इसके अलावा बंगाल के एनजीओ को ज्यादा काम दिया जाता है.

जबकि प्रबंध संचालक, आइएएस राजेश राणा उन्हें बचाने का काम कर रहे हैं. दरअसल रामकिशुन देवांगन जिन एनजीओ को काम देने की सिफारिश करता है, एमडी उसी पर हस्ताक्षर करते हैं. स्पष्ट है कि देवांगन को बचाने के पीछे भ्रष्टाचार का खेल खेला जा रहा है.
पूर्व में देवांगन को रेडीमेड कक्ष से हटाते हुए इनकी पदस्थापना कोरबा में की गई थी लेकिन वह ज्वाइनिंग ही नही दिए. इसके पूर्व देवांगन कोरबा के बिलासा शो रूम में प्रभारी के पद पर कार्यरत थे तब इनके गलत कारनामे की शिकायत विभागीय मंत्री के पास प्रदेश के पंजीकृत एनजीओ की महिलाओं ने की थी.

एक गंभीर आरोप यह भी है कि देवांगन जब गोदाम प्रभारी थे तब इन्होने नौ सौ नग चादर छुईखदान की एक बुनकर समिति को बेच दी थी जिस पर निलंबन की कार्यवाही की जा चुकी है साथ ही हाथकरघा संघ का दो सौ चालीस किलो धागा भी गैरकानूनी रूप से बेचने का आरोप था. जाँच कराने के बाद विभाग द्वारा कार्यवाही भी की जा चुकी है.

राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन संघ कर्मचारी रामकिशुन देवांगन को निलंबित करने का आदेश मुझे नही मिला है. फ़िलहाल मैं बिहार चुनाव ड्यूटी में व्यस्त हूँ, अभी प्रबंध संचालक के चार्ज पर सुधाकर खलको हैं, उनसे जानकारी ले सकते हैं.

राजेश राणा, प्रबंध संचालक, छ.ग. राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन संघ