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आकार संस्था के दिव्यांग बच्चों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ : मंजिल उन्हीं को मिलती है.जिनके सपनों में जान होती है.

आकार संस्था के दिव्यांग बच्चों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ : मंजिल उन्हीं को मिलती है.जिनके सपनों में जान होती है.

मंजिल उन्हीं को मिलती है.

जिनके सपनों में जान होती है.

पंख से कुछ नहीं होता.

हौसलों से उड़ान होती है


सुकमा :-पंक्तियो की सार्थकता आज  सुकमा के उन दिव्यांग बच्चो ने तय कर दिया जिन्हे हम अक्सर दिव्यांग समझते है ।अवसर था मंचस्थ कार्यक्रम का  बच्चो ने  अद्वितीय प्रस्तुति पेश कर  वर्षगांठ के इस अवसर को और मनमोहक बना दिए। 

बच्चे एक के बाद एक प्रस्तुति देते जा रहे थे प्रस्तुति सुकमा स्थित आकार संस्था में दिव्यांग बच्चों की चित्रकला, गायन, नृत्य प्रतियोगिता व कयी मनमोहक  सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। जिसमे बच्चो यह आयोजन संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार एवं संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार जिला प्रशासन सुकमा द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों के द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गई। वहीं विशिष्ट रुप से आंमत्रित कलाकारों द्वारा छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं आजादी के पुराधाओं पर आधारित कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। दिव्यांग बच्चों द्वारा आजादी के पुराधाओं एवं देशभक्ति पर आधारित नृत्य नाटिका एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गई।विभिन्न प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।


इस अवसर पर सुकमा नगर पालिका उपाध्यक्ष आयशा हुसैन, एसडीएम सुकमा  प्रीति दुर्गम, डिप्टी कलेक्टर  श्रीकांत कोराम, जिला शिक्षा अधिकारी नीतिन डड़सेना, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग गणेश सोरी, जिला मिशन समन्वयक  एस.एस चौहन सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी एवं आकार संस्था के शिक्षक-शिक्षिकाएं, स्टॉफ, अन्य स्कूलों से विद्यार्थीगण उपस्थित थे।

चित्रकला प्रतियोगिता में संजय पी, डीएव्ही स्कूल सुकमा को प्रथम स्थान, द्वितीय स्थान आशिष दुर्गे, स्वामी आत्मानंद विद्यालय सुकमा और तृतीय पुरस्कार कस्तुरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्रा कुमारी ममता माड़वी को मिला। चित्रकला प्रतियोगिता में कुल 60 बच्चों ने भाग लिया। नृत्य प्रतियोगिता में चलविता व साधी, गायन प्रतियोगिता में रघुनाथ, सोड़ी भिड़े और खेल में हरिशंकर ने पुरस्कार जीते।