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कोरोना टीके की दूसरी डोज के लिए शुरू किया गया विशेष महाअभियान

कोरोना टीके की दूसरी डोज के लिए शुरू किया गया विशेष महाअभियान


राजनांदगांव। कोरोना संक्रमण व इसके नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की रोकथाम तथा इससे बचाव का प्रयास करते हुए संक्रमण की संभावित तीसरी लहर की आशंका के बीच जिले में सतर्कता बढ़ा दी गई है।

पहली डोज का लक्ष्य पूरा होने के बाद जिले के शत-प्रतिशत लोगों को कोरोना टीके की दूसरी डोज भी लगाकर सुरक्षित करने के लिए कलेक्टर के दिशा-निर्देश तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

जिला मुख्यालय के साथ ही विकासखंडों में कोरोना जांच की भी गति बढ़ाई गई है। इसी कड़ी में सेकण्ड डोज के टीकाकरण के लक्ष्य की पूर्ति के लिए दो दिवसीय विशेष महाअभियान शुरू किया गया है।

कोविड-19 व इसके नए वैरिएंट ओमिक्रॉन से बचाव के लिए वर्तमान में कोविड टीकाकरण को ही कारगर माना जा रहा है। यही वजह है कि जिले के शत-प्रतिशत लोगों को जल्द से जल्द दूसरी डोज का भी टीका लगाकर सुरक्षित किया जा सके, इस उद्देश्य के साथ ग्रामीण क्षेत्र में मुनादी कराई जा रही है। जनजागरूकता से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

द्वितीय डोज के टीकाकरण का लक्ष्य पूरा करने हेतु शहरी क्षेत्र में भी विभिन्न माध्यमों से प्रचार.प्रसार किया जा रहा है। यह पूरा कार्यक्रम स्वास्थ्य विभाग के साथ ही महिला एवं बाल विकास विभागए पंचायत विभाग और राजस्व विभाग के समन्वय से किया जा रहा है। 

राजनांदगांव जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिलेवासियों से अपील की गई है कि दो दिवसीय विशेष महाअभियान में शामिल होकर कोविड टीके की सेकण्ड डोज अवश्य लगवाएं। इस संबंध में राजनांदगांव के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी ने बताया, देश में कोविड-19 के ओमिक्रॉन वैरिएंट के पहुंच जाने की वजह से सावधानी बेहद जरूरी है।

हालांकि कलेक्टर तारण प्रकाश सिन्हा के दिशा-निर्देशन में राजनांदगांव जिले में 11.21 लाख लोगों के कोविड वैक्सीनेशन के साथ प्रथम डोज का शत-प्रतिशत टीकाकरण पूर्ण हो चुका है, वहीं अब तक 7.15 लाख लोगों को द्वितीय डोज से भी टीकाकृत किया जा चुका है, किंतु खतरा अभी भी बरकरार है तथा अब हमें और अधिक जिम्मेदारी व गंभीरता से सेकण्ड डोज वैक्सीनेशन से छूटे हुए लोगों का भी शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन पूर्ण करना है। 

जिले में कोरोना जांच की भी गति बढ़ाई गई है। जिले में बाहर से यात्रा करके आने वाले यात्रियों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को तत्काल उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। संबंधित के 7 दिन तक मरंटाइन  रहने के बाद अनिवार्यतः उनकी कोरोना जांच करने तथा स्वास्थ्य केन्द्रों में ऑक्सीजन सहित सभी व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु बीएमओ को निर्देशित किया गया है।