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न्यायाधीश अरूण मिश्रा ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष का पदभार संभाला

न्यायाधीश अरूण मिश्रा ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष का पदभार संभाला

नयी दिल्ली।  सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत जस्टिस अरुण कुमार मिश्रा को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के नए अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया है। मिश्रा ने आज बुधवार को अपना पदभार संभाल लिया है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय नियुक्ति समिति ने सोमवार को इनकी नियुक्ति पर मुहर लगाई थी। 
एनएचआरसी में जस्टिस एचएल दत्तू पिछले साल दिसंबर महीने में अध्यक्ष पद अध्यक्ष से रिटायर होने के बाद से पिछले पांच महीने से भी अधिक समय से यह पद खाली था, जिस पर अरुण मिश्रा ने कार्यभार ग्रहण किया है। खास बात ये है कि इस पद के लिए तीन पूर्व मुख्य न्यायाधीशों को भी शॉर्टलिस्ट किया गया था, लेकिन समिति ने जस्टिस मिश्रा को तरजीह दी। जम्मू और कश्मीर हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश महेश मित्तल कुमार और खुफिया ब्यूरो के पूर्व निदेशक राजीव जैन को भी एनएचआरसी के सदस्यों के रूप में नियुक्त किया गया है। हालांकि इस संबंध में अभी तक सरकार की ओर से आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। चयन समिति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खडग़े शामिल थे।
खडग़े ने खुद को किया अलग
इस दौरान कांग्रेस नेता खडग़े ने सुझाव दिया था कि चूंकि एनएचआरसी में अधिकांश शिकायतें दलित, आदिवासी या अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़ी होती हैं, इसलिए आयोग में इन समुदायों का कम से कम एक प्रतिनिधि होना चाहिए। इसे नहीं माने जाने पर मल्लिकार्जुन खडग़े ने अपना विरोध दर्ज कराया। सोमवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर आयोग के नए अध्यक्ष एवं सदस्यों का चयन करने वाली नियुक्ति समिति की बैठक के दौरान खडग़े ने इन पदों पर नियुक्ति के लिए नामों के पैनल की सिफारिश किए जाने से संबंधित समिति के फैसले पर अपना विचार रखा था। कांग्रेस नेता ने प्रस्ताव रखा था कि यदि फिलहाल यह संभव नहीं है तो नियुक्ति समिति की बैठक को एक सप्ताह के लिए टाला जा सकता है और बाद में इन वर्गों के उम्मीदवारों के नाम प्रस्तावित किए जा सकते हैं।खडग़े ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि समिति ने उनके एक भी प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है, ऐसे में वह खुद को इस प्रक्रिया से अलग करते हैं।